JNU प्रशासन ने सभी शिक्षकों को एडवाइज़री जारी किया है और पढ़ाई की एक्टिविटी में शामिल होने को कहा है।

5 जनवरी को हुए जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में हिंसा के बाद सोमवार से कैंपस खुल गया। JNU प्रशासन ने सभी शिक्षकों को एडवाइज़री जारी किया है और पढ़ाई की एक्टिविटी में शामिल होने को कहा है।

JNU कैंपस खुलने के बाद वाइंस चांसलर एम।जगदीश कुमार ने कहा कि विंटर सेमेस्टर का पहला दिन आज से शुरू हो गया और 50 फीसदी से ज्यादा छात्रों ने हॉस्टेल फीस दे दी है। वाइंस चांसलर ने सभी छात्रों से अपील की है कि वे अपना रजिस्ट्रेशन करा लें नहीं तो उनका एक साल खराब हो जाएगा। उन्होंने छात्रों के माता-पिता को भी सलाह दी और कहा, “मेरी सलाह है कि वे अपने बच्चों को विंटर प्रोग्राम के लिए रजिस्ट्रेशन कराने के लिए बोलें। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो उनका एक साल खराब हो जाएगा।”

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आपको बता दें कि जेएनयू में हुई हिंसा की जांच के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने दो दिन पहले ही पांच सदस्यीय टीम का गठन किया है। इसके साथ ही यूनिवर्सिटी के डीन उमेश ए कदम ने सभी वॉर्डन को निर्देश दिया और कहा कि वे इस बात को सुनिश्चित करें कि हॉस्टल में कोई बाहरी व्यक्ति की मौजूदगी न हो। साथ ही ये भी कहा है कि अगर कोई बाहरी या अनाधिकृत स्टूडेंट या गेस्ट किसी हॉस्टल के कमरे में रहता पाया गया, तो संबंधित स्टूडेंट के खिलाफ प्रशासनिक नियमों के तहत आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

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गौरतलब है कि JNU में फीस बढ़ोतरी के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान 5 जनवरी को हिंसा हुई थी। नकाबपोशों ने छात्र-शिक्षकों को डंडे और लोहे की रॉड से बुरी तरह पीटा। वे ढाई घंटे तक कैंपस में कोहराम मचाते रहे। हमले में छात्र संघ अध्यक्ष आइशी घोष समेत कई घायल हो गए। आइशी ने एबीवीपी पर हमले का आरोप लगाया और कहा कि नकाबपोश गुंडों ने मुझे बुरी तरह पीटा। करीब 35 लोग जख्मी हुए थे। दिल्ली की क्राइम ब्रांच जेएनयू में हुए हिंसा मामले की जांच कर रही।