पी चिदंबरम को कोर्ट द्वारा 24 अक्टूबर को पेश होने का आदेश भी दिया गया है।

आईएनएक्स केस मामले को लेकर कांग्रेस नेता एवं पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को जमानत मिल चुकी है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर उन्हे जमानत दी गई हैं। सीबीआई ने शुक्रवार को चिदंबरम, उनके बेटे कार्ति व अन्य के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।

अदालत ने आरोपपत्र में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ नोटिस भी जारी किया है।

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जानकारी के मुताबिक आरोपपत्र में पीटर मुखर्जी, कार्ति चिदंबरम, पी चिदंबरम, कार्ति के अकाउंटेंट भास्कर, कुछ नौकरशाह तथा अन्य 14 लोगों के नाम शामिल हैं। साथ ही आईएनएक्स मीडिया, चेस मैनेजमेंट और एएससीएल कंपनियों के नाम भी आरोपपत्र में शामिल हैं। और अदालत ने आरोपपत्र में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ नोटिस भी जारी किया है। हलांकि उनकी पेशी की कोई तिथी अभी तय नहीं है।

सीबीआई कोर्ट ने INX मामले में सोमवार को चिदंबरम के खिलाफ चार्जशीट का संज्ञान लिया था। और पी चिदंबरम को कोर्ट द्वारा 24 अक्टूबर को पेश होने का आदेश भी दिया गया है। बता दे कि साल 2007 में 305 करोड़ रुपये के विदेशी निवेश के मामले को लेकर आईएनएक्स मीडिया समूह पर विदेशी निवेश संबर्द्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी लेने में गड़बड़ी के आरोप लगे थे।

बेल के बाद भी चिदंबरम तिहाड़ जेल में रहेंगे क्योकि…

इसके बाद सीबीआई ने 15 मई, 2017 को इस मामले में एफआइआर दर्ज की थी। प्रवर्तन निदेशालय ने भी साल 2017 में ही चिदंबरम के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था। सुप्रीम कोर्ट द्वारा एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर उन्हे जमानत दी गई हैं। हालांकि, वह जेल से नहीं रिहा हो पाएंगे। बेल के बाद भी चिदंबरम तिहाड़ जेल में रहेंगे क्योकि मनी लॉन्ड्रिंग के मामले को लेकर 24 अक्टूबर तक उन्हें ईडी की हिरासत में रहना होगा। दरअसल INX Media Case में सीबीआई और ईडी ने दो अलग-अलग मामले दर्ज किए थे।