Jammu and Kashmir (जम्मू और कश्मीर) के अनुच्छेद 370 हटाए हुए काफी दिन बीत चुके हैं लेकिन वहां अभी भी कुछ अलगाववादी नेताओं को नजरबंद रखा गया है

केंद्र सरकार लगातार ऐतिहासिक फैसले लेने में लगी हुई है। सबसे पहले Narendra Modi (नरेन्द्र मोदी) सरकार ने 2014 लोकसभा चुनाव पूर्ण बहुमत से जीतकर इतिहास रच दिया था। उसके बाद लगातार दूसरी बार Modi (मोदी) सरकार ने लोकसभा चुनाव 2019 पूर्ण बहुमत से अपने नाम किया लगातार दो चुनाव जीतने के बाद भारतीय जनता पार्टी देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनकर सामने आई। लगातार दूसरी बार लोकसभा चुनाव जीतने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कई ऐतिहासिक फैसले लिए उनमें कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना सबसे ज्यादा सुर्खियों में रहा।

केंद्र सरकार ने अब बताई कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने की असली वजह…

कश्मीरियों से विदेशी राजदूतों ने पूछा क्या तुम्हारे साथ जुल्म हुआ है, तो मिला यह जवाब

Jammu and Kashmir (जम्मू और कश्मीर) के अनुच्छेद 370 हटाए हुए काफी दिन बीत चुके हैं लेकिन वहां अभी भी कुछ अलगाववादी नेताओं को नजरबंद रखा गया है और इंटरनेट सुविधा को भी बाधित रखा गया है। कई विपक्षी पार्टी के नेता यह इल्जाम लगाते हैं कि केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर को गुलाम बना रखा है। हालातों का जायजा लेने के लिए कई देशों के राजदूत कश्मीर पहुंचे हैं। वहां जाकर उन्होंने कई कश्मीरियों से बातचीत की है। कई अखबारों में छपी हुई रिपोर्ट सही है या गलत यह तो समय आने के बाद पता चलेगा।

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कश्मीरियों से विदेशी राजदूतों ने पूछा क्या तुम्हारे साथ जुल्म हुआ है, तो मिला यह जवाब

केंद्र सरकार द्वारा 17 देशों के राजदूतों को Jammu and Kashmir (जम्मू और कश्मीर) में जाने की इजाजत दी गई। यह सभी राजदूत यहां पर सच जानने के लिए आए थे कि क्या कश्मीरियों पर सच में अत्याचार हो रहा है? जब कश्मीरियों से पूछा गया कि क्या उन पर भारत सरकार अत्याचार कर रही है तो कश्मीरियों ने उनसे बातचीत की। कश्मीरियों ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और उन्होंने कहा कि यह सब पाकिस्तान अस्थिरता फैलाना चाहता है। हम Jammu and Kashmir (जम्मू और कश्मीर) कश्मीर का एक छोटा सा टुकड़ा भी Pakistan (पाकिस्तान) को नहीं देंगे।

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