ICICI बैंक की पूर्व CEO और एमडी चंदा कोचर की मुश्किलें बढ़ती जा रही है।

ICICI बैंक की पूर्व CEO और एमडी चंदा कोचर की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। कर्ज वितरण में अनियमितता के मामलें में फंसी चंदा कोचर को दी गई बोनस रकम वापस लेने के लिए हाईकोर्ट में रिकवरी सूट दाखिल किया है। दरअसल बैंक चंदा कोचर के बोनस और अन्य फायदों के रूप में मिले 12 करोड़ रूपये वसूलना चाहता है। आपको बता दे कि वीडियोकॉन समूह को 3250 करोड़ रूपये का नियम के खिलाफ जाकर लोन देने के मामले में चंदा कोचर फंसी हुई है। कर्ज वितरण मामलें में चंदा को सीएओ और एमडी के पद से हटा दिया गया है।

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दरअसल, पिछले हफ्ते ही हाईकोर्ट में यह मामला दायर किया गया है। जहां बैंक ने एक एफीडेविट कोर्ट को दिया जिसमें यब मांग की गई कि पिछले साल चंदा कोचर द्वारा दायर की गई याचिका को खारिज किया गया। अब इस मामले की सुनवाई 20 जनवरी को होगी

आपको बता दें, बैंक के मुताबिक यह बोनस चंदा कोचर को अप्रैल 2006 से मार्च 2018 के बीच दिए गए थे। बैंक क्लॉबैक के तहत बोनस वापस लेना चाहता है, जिसमें यह प्रावधान होता है कि कोई कंपनी कर्मचारी के गलत आचरण या कंपनी के घाटे की स्थ‍िति में बोनस जैसे इन्सेंटिव की रकम वापस ले सकती है।

ईडी ने की है कार्रवाई

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गौरतलब है कि पिछले हफ्ते ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने चंदा कोचर और उनके परिवार की संपत्ति जब्त कर ली है। आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व अधिकारी की कुल 78 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है, जिसमें मुंबई में उनका घर और उनके पति की कंपनी की कुछ संपत्ति शामिल है।

ईडी का आरोप है कि कोचर ने आईसीआईसीआई बैंक के प्रमुख रहते हुए गैर कानूनी तरीके से अपने पति की कंपनी न्यूपावर रिन्यूएबल्स को करोड़ों रुपये दिए। ईडी ने इस मामले में चंदा कोचर से कई बार पूछताछ कर चुकी है। ईडी ने मार्च में कोचर परिवार के आवास और कार्यालय परिसरों की तलाशी भी ली थी। ईडी ने मामले में वीडियोकॉन के चेयरमैन वेणुगोपाल धूत से भी पूछताछ कर चुकी है।

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