Ashes : एशेज इतिहास के वो पांच मैच जिन्हें कोई भूला नहीं सकता

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एशेज इतिहास के वो पांच मैच जिन्हें कोई भूला नहीं सकता

एशेज के नाम से मशहुर इस प्रतिष्ठित सीरीज में खेलने से टेस्ट क्रिकेट का स्तर हमेशा ऊंचा रहता है

टेस्ट क्रिकेट की सबसे प्रतिष्ठित सीरीज में से एक एशेज का आज से आगाज हो रहा है। इंग्लैंड औऱ ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली जाने वाली इस सीरीज का रोमांच जगजाहिर है। एशेज के नाम से मशहुर इस प्रतिष्ठित सीरीज में खेलने से टेस्ट क्रिकेट का स्तर हमेशा ऊंचा रहता है। टेस्ट क्रिकेट में लाल गेंद का रंग खिलाड़ियों की जर्सी पर चढ़कर, सीरीज में उनके संघर्ष की कहानी बंया करता है। यही कारण है कि एशेज के इतिहास में बहुत से ऐसे मैच खेले गए हैं जो इतिहास के पन्नों में अमर हो गए। इतिहास के पन्नों से आज हम एशेज के उन पांच मैचों के बारे में आपको बताएंगे जिन्हें कभी भूलाया नहीं जा सकता।

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  1. : एशेज इतिहास में वो पांच मैच जिन्हें कोई भूला नहीं सकतासन् 1932 – 33 : एशेज के इतिहास में 1932-33 में खेली गई सीरीज को एक खूनी संघर्ष के तौर पर याद किया जाता है। यह सीरीज एशेज इतिहास की सबसे विवादित सीरीज में से एक है। इस सीरीज में जीत हासिल करने के लिए इंग्लैंड टीम ने सारी हदें पार कर दी थी। उस समय सर डॉन ब्रेडमैन शानदार फार्म से गुजर रहे थे। जिसके चलते इंग्लिश तेज गेंदबाजों ने उनकी बॉडी को निशाना बनाने का प्लान बनाया। उन्हें रोकने के लिए इंग्लैंड टीम ने उनके शरीर को खूब निशाना बनाया। जिसके चलते इस सीरीज को ‘बॉडीलाइन सीरीज’ का नाम दिया गया। उस समय इंग्लैंड के कप्तान डगलस जार्डिन ने गेंदबाजों को ‘लेग थ्योरी’ बताई। जिसके चलते तेज गेंदबाज हेरॉल्ड लॉरवुड ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों के शरीर पर अटैक करना शुरु कर दिया। इस दौरान ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज उनकी गेंद से घायल हो गए और इसके बाद तो ऑस्ट्रेलिया के एक और बल्लेबाज की पसलियां तक तोड़ दी गई। इंग्लैंड टीम के इस खेल से स्टेडियम में मौजूद दर्शक खासे नाराज हुए। जिसके चलते लॉरवुड को सुरक्षा के बीच मैदान से बाहर ले जाना पड़ा।
  2. : एशेज इतिहास में वो पांच मैच जिन्हें कोई भूला नहीं सकतासन् 1948 : सन् 1948 में ऑस्ट्रेलियाई टीम की कमान डॉन ब्रैडमैन के हाथों में थी। इस साल ऑस्ट्रेलिया को सीरीज खेलने के लिए इंग्लैंड जाना था। ब्रैडमेन की अगुवाई में सीरीज खेलने इंग्लैंड पहुंची ऑस्ट्रेलिया टीम ने पहले टेस्ट में मेजबान को 8 विकेट से मात दी थी। यह सीरीज भी कई कारणों के चलते चर्चा में बनी रही। इस सीरीज के चौथे मैच में ऑस्ट्रेलिया ने टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में 403 रनों के पहाड़ को महज तीन विकेट खो कर ही हासिल कर लिया था। इसके अलावा सर डॉन ब्रैडमैन ने इस सीरीज के आखिरी मैच के बाद क्रिकेट को अलविदा कह दिया था।
  3. : एशेज इतिहास में वो पांच मैच जिन्हें कोई भूला नहीं सकतासन् 1974-75 : 1974-75 में इंग्लैंड टीम ऑस्ट्रेलिया आई हुई थी। इस सीरीज में ऑस्ट्रेलिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 4-1 से अपने नाम किया था। इस सीरीज में ऑस्ट्रेलियन टीम के गेंदबाज डेनिस लिली के टीम में वापसी हुई थी। तो वहीं दूसरी ओऱ जेफ थॉमसन को सिर्फ एक मैच का अनुभव था। लेकिन इन दोनों गेंदबाजों ने सीरीज में ऐसी गेंदबाजी की कि इंग्लैंड टीम को सीरीज गंवानी पड़ी। लिली ने जहां सीरीज में 25 विकेट हासिल किए तो वहीं थॉमसन ने सीरीज में 33 विकेट अपने नाम किए। इस सीरीज में इंग्लैंड टीम की हालत इतनी खराब थी कि खराब फॉर्म के चलते चौथे टेस्ट में इंग्लैंड के कप्तान माइक डेनिस को भी टीम में जगह नहीं दी गई।
  4. : एशेज इतिहास में वो पांच मैच जिन्हें कोई भूला नहीं सकतासन् 1981 : इस साल ऑस्ट्रेलियाई टीम 6 मैचों की टेस्ट सीरीज खेलने के लिए इंग्लैंड पहुंची। यह सीरीज उस समय इंग्लैंड के कप्तान इयान बॉथम के कारण चर्चाओं मे रही। बॉथम जहां अपने खेल को लेकर इस सीरीज में चर्चा का विषय बने रहे। तो वहीं उन्होंने इस सीरीज में 34 विकेट और 399 रन बनाये। जिसकी बदौलत इंग्लैंड ने यह सीरीज 3-1 से अपने नाम की।
  5. : एशेज इतिहास में वो पांच मैच जिन्हें कोई भूला नहीं सकता
    : एशेज इतिहास में वो पांच मैच जिन्हें कोई भूला नहीं सकता

    सन् 2005 : साल 2005 में रिकी पोंटिंग की अगुवाई में ऑस्ट्रेलियाई टीम इंग्लैंड पहुंची। इस सीरीज में सन् 1981 में इंग्लैंड टीम के हीरो इयान बॉथम की झलक देखने को मिली। इस सीरीज में एंड्रयू फ्लिंटॉफ ने अपने ऑलराउंडर प्रदर्शन के दम पर इंग्लैंड को सीरीज जीतने में अहम योगदान दिया। इस सीरीज को इंग्लैंड ने 2-1 से अपने नाम किया। एंड्रयू फ्लिंटॉफ ने इस सीरीज में 402 रन बनाये और 24 विकेट हासिल किए। जिसके चलते उन्हें इंग्लैंड का दूसरा बॉथम कहा जाने लगा।