चीन, तुर्की और मलेशिया के सपोर्ट के कारण पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में बरकरार रखने की संभावना ज्यादा बनी हुई है।

फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की आज यानि शुक्रवार को होने वाली बैठक में पाकिस्तान पर फैसला होने वाला है। ये बैठक पेरिस में होगी । एपीजी की रिपोर्ट सामने आने के बाद से ही टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग केस से जुड़े मामलों को रोकने में नाकाम साबित हुए पाकिस्तान पर ब्लैक लिस्टेड होने का खतरा लगातार बना हुआ है। हालांकि चीन, तुर्की और मलेशिया के सपोर्ट के कारण पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में बरकरार रखने की संभावना ज्यादा बनी हुई है।

Related image

FATF की धमकी से बेहाल हुआ इमरान खान, चीन के पकड़े पैर

सुत्रो के मुताबिक पाक के वित्त मंत्री हम्माद अजहर की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने बैठक में कहा कि इस्लामाबाद ने 27 में से 20 बिंदुओं में सकारात्मक प्रगति की है। एफएटीएफ ने पाकिस्तान के जरिए उठाए गए कदमों और कई क्षेत्रों में इसकी प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। बता दे कि पाकिस्तान के जरिए उठाए गए कदमों की चीन, तुर्की और मलेशिया द्वारा सराहना की गई है, ऐसे में उस पर से ब्लैकलिस्ट होने का खतरा टल सकता है। तो वहीं भारत ने उसे ब्लैकलिस्ट करने की सिफारिश की है।

Related image

आतंकवाद को लेकर अजित डोभाल का पाक पर हमला

एफएटीएफ चार्टर के मुताबिक किसी भी देश को ब्लैकलिस्ट नहीं करने के लिए कम से कम तीन देशों के समर्थन की आवश्यकता होती है। बता दें कि पाकिस्तान फिलहाल ‘ग्रे लिस्ट’ (वॉच लिस्ट) में है और वो इससे बाहर आने की कोशिश में लगातार जुटा हुआ है। एफएटीएफ ने मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी फंडिंग के खिलाफ कार्रवाई पूरी करने के लिए उसे अक्टूबर तक का समय दिया था। अब देखना ये है की एफएटीएफ का अंतिम फैसला क्या होता है।