चुनावों में एक बार फिर से बीजेपी ने राष्ट्रीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। जिसमें धारा 370, तीन तलाक जैसे मुद्दे शामिल थे।

महाराष्ट्र और हरियाणा में 21 अक्टूबर को चुनाव होने जा रहे है। बीजेपी शासित इन दो राज्यों में बीजेपी जहां अपनी सत्ता को बचाने की जद्दोजहद में लगी हुई है।  तो वहीं कांग्रेस अपनी खोई हुई सत्ता को हासिल करने में लगी हुई है। इस बार के चुनावी दंगल में सत्ताधारी दल ने चुनावी प्रचार में अपनी पुरी ताकत झोंक दी है। कल यानि 19 तारिख को चुनावी प्रचार थम चुका है। अब बारी है 21 तारिख को होने वाले चुनावी दंगल की।

महाराष्ट्र, हरियाणा में चुनाव प्रचार थमा, मतदान से पहले ही BJP के आगे कांग्रेस ने टेके घुटनेलेकिन अगर बात इस बार के चुनावी दंगल की करें तो इस बार दो राज्यों में होने वाले इन चुनावों में प्रचार अभियान के दौरान बीजेपी का जलवा पूरी तरह से देखने को मिला। जिसके चलते इस बार के चुनावों में कांग्रेस एक बार फिर से फिसड्डी नजर आ रही है। एक तरफ जहां सत्ताधारी दल ने प्रचार में अपना पूरा दमखम झोंक दिया, मुख्यमंत्रियों ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र की जनता के बीच पहुंचने का प्रयास किया। तो वहीं कांग्रेस इसे लेकर लाख दावे करे, लेकिन धरातल पर उसकी गंभीरता नजर नहीं आई।महाराष्ट्र, हरियाणा में चुनाव प्रचार थमा, मतदान से पहले ही BJP के आगे कांग्रेस ने टेके घुटनेइस बार के चुनावों में एक बार फिर से बीजेपी ने राष्ट्रीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। जिसमें धारा 370, तीन तलाक जैसे मुद्दे शामिल थे। लेकिन बात अगर चुनावी अभियान की करें तो बीजेपी यहां भी कांग्रेस पर भारी पड़ती नजर आई। प्रियंका गांधी जहां प्रचार अभियान से बिल्कुल नदारद दिखी। तो वहीं कांग्रेस के स्टार प्रचारक राहुल गांधी ने भी बस नाम मात्र ही रैलियां की। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीजेपी की ओर से प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह, योगी आदित्यनाथ समेत तमाम दिग्गज नेताओं ने जमकर रैलियां की। प्रधानमंत्री मोदी ने जहां इस बार कुल 25 चुनावी रैलियां की तो वहीं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने केवल 7 चुनावी जनसभा को ही संबोधित किया। तो ऐसे में अब ये देखना काफी दिलचस्प होगा की 21 तारीख को होने वाले मतदान में बाजी कौन मारेगा ?