राजस्थान में नवजात बच्चों की मौत का सिलसिला लगातार जारी है। एक ओर जहां मासूमों की मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। तो वहीं दूसरी ओर इसको लेकर राजनीति भी खूब हो रही है।

राजस्थान में नवजात बच्चों की मौत का सिलसिला लगातार जारी है। बावजूद इसके इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया जा रहा है। एक ओर जहां मासूमों की मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। तो वहीं दूसरी ओर इसको लेकर राजनीति भी खूब हो रही है। नवजातों की मौत के मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी सवाल-जवाब में घिर गई हैं। राजस्थान के कोटा में बच्चों की मौत का सिलसिला रुकनें का नाम नहीं ले रहा हैं। आपको बता दे यहां एक महीने में 100 नवजात बच्चों की मौत हो गई है। जिसको लेकर बीजेपी के आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘एक महीने में 100 नवजात बच्चों की मौत हो जाती है और राजस्थान के मुख्यमंत्री से कोई सवाल नहीं पूछे जाते।‘

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 राजस्थान में लगातार बढ़ रहा है नवजात बच्चों की मौत का आकड़ा

तो साथ ही अमित मालवीय ने एक ट्वीट में कहा, कोटा इतनी भी दूर नहीं कि सोनिया और राहुल गांधी वहां जा न सकें और ये घटना इतनी भी मामूली नहीं कि मीडिया कांग्रेस सरकार की इस लापरवाही पर आंख मूंद लें।वहीं दूसरी ओर अस्पताल के शिशु विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अमृत लाल ने बुधवार को कहा, ‘पिछले दो दिन में जेके लोन अस्पताल में 8 नवजात बच्चों की मौत हुई। बच्चों की ये मौत अलग-अलग कारणों से हुई हैं।‘

बता दें कि मंगलवार को बीजेपी की महिला सांसदों की एक टीम ने अस्पताल के वार्ड और आईसीयू का दौरा किया। वहीं राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने राजस्थान चिकित्सा और शिक्षा विभाग को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। जिसके चलते जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी CMO बी.एस. तंवर को 3 जनवरी को दिल्ली में व्यक्तिगत रूप से पेश होने को कहा है। सांसदों की टीम का चयन पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने सोमवार को किया था।जिसमें पश्चिम बंगाल से लॉकेट चटर्जी, दौसा से जसकौर मीणा और मेरठ से कांता कर्दम शामिल थीं।

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साथ ही टीम के सदस्यों ने अस्पताल में मृतक बच्चों के परिजनों से बात की और वार्डों की कई कमियों को सामने रखा। परिजनों का कहना है कि अस्पताल ने उनके बच्चों की देखभाल नहीं की जिसके चलते उनकी मौत हुई।तो वहींसांसद ने निशाना साधते हुए कहा कि जब राजस्थान के मुख्यमंत्री झारखंड चुनाव की जीत की खुशी मनाने गए हुए थे। उस बीच भी राज्य के स्वास्थ मंत्री कोटा का दौरा करने नहीं आए। राहुल गांधी ने भी इस बारे में कुछ नहीं बोला और शायद वह नया साल मनाने के लिए इटली चले गए हैं।