निर्भया गैंगरेप केस में (Nirbhaya Gangrape Case) में चारों दोषियों का डेथ वॉरन्ट जारी हो चुका है। इसके बाद दो दोषियों विनय और मुकेश ने सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन डाली है।

निर्भया गैंगरेप केस में (Nirbhaya Gangrape Case) में चारों दोषियों का डेथ वॉरन्ट जारी हो चुका है। इसके बाद दो दोषियों विनय और मुकेश ने सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन डाली है। निर्भया के दोषियों की क्यूरेटिव पिटीशन पर कोर्ट में सुनवाई होगी। आपकों बतादें कि पटियाला हाउस कोर्ट ने डेथ वॉरंट जारी कर दिया है।

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इस डेथ वॉरट में 22 जनवरी को दोषियों को फांसी पर लटकाने का फैसला लिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की बेंच दो दोषियों विनय और मुकेश की क्यूरेटिव पिटीशन पर सुनवाई करेगी। इस बेंच में जस्टिस एनवी रमन्ना, जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस आरएफ नरीमन, जस्टिस आर भानुमती और जस्टिस अशोक भूषण हैं।

क्यूरेटिव पिटीशन क्या है?

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क्यूरेटिव पिटीशन वो याचिका है जो हर दोषी को अपने बचाव के लिए दायर कर सकता है दरअसल ये व्यक्ति का संवैधानिक अधिकार है। कोई भी दोषी याचिका दाखिल कर सकता है लेकिन क्यूरेटिव पिटीशन में मुजरिम जजमेंट के तकनीकी पहलुओं की ओर ध्यान दिलाता है और सवाल उठाता है कि जजमेंट में कहा सुधार की जरूरत है। लेकिन इसके लिए सीनियर एडवोकेट की सिफारिश के बिना क्यूरेटिव पिटीशन दाखिल नहीं हो सकती है।