बीती रात नकाबपोश हमलावरों ने जेएनयू के हॉस्टल में घूसकर छात्रों और अध्यापकों से मारपीट की।

जवाहर लाल नेहरु यूनिवर्सिटी (JNU) में हुई हिंसा को लेकर देशभर में विरोध हो रहा है। बीती रात नकाबपोश हमलावरों ने जेएनयू के हॉस्टल में घूसकर छात्रों और अध्यापकों से मारपीट की। इस घटना को लेकर राजनीति भी खूब हो रही है। छात्रों ने जहां इस घटना के लिए AVBP और विश्वविद्यालय प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। तो वहीं विपक्षी पार्टियों ने गृह मंत्री अमित शाह को इसका जिम्मेदार ठहराया है। कांग्रेस ने गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए उन पर हमलावरों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। कांग्रेस पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि, ‘मोदी जी और अमित शाह जी ने छात्रों पर दमन चक्र चलाकर नाजी शासन की याद 90 साल बाद दिला दी। जिस तरह से छात्रों, छात्राओं और शिक्षकों पर हमला किया गया और जिस प्रकार पुलिस मूकदर्शक बनी रही, वह दिखाता है कि देश में प्रजातंत्र का शासन नहीं बचा है।’

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JNU में हुई हिंसा को लेकर कांग्रेस ने गृह मंत्री अमित शाह पर साधा निशाना

इसके अलावा रणदीप सुरजेवाला ने बीजेपी और यूनिवर्सिटी प्रशासन पर भी निशाना साधा उन्होंने कहा कि नकाबपोश हमलावरों का संबंध बीजेपी और एबीवीपी से था। ये सब कुलपति की मूक सहमति से हो रहा था। नकाबपोश हमलावरों का ये तांडव घंटों तक चला। नकाबपोश हमलावरों ने साबरमत्ती हॉस्टल, साबरमत्ती टी-प्वाइंट सहित कई हॉस्टल में जमकर तोड़फोड़ की गई। हमलावरों ने छात्रों के अलावा अध्यापकों पर भी लोहे की रॉड से हमला किया। एक ओर जहां इसके बाद पुलिस प्रशासन लगातार सवालों के घेरे में है तो वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन पर भी उंगलियां उठ रही है और कहा ये जा रहा है कि इस पूरे प्रदर्शन की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की है।

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