भाजपा के वरिष्ठ नेता बंदारु दत्तात्रेय को रविवार को हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल के रूप में नियुक्त किया गया है।

दत्तात्रेय तेलंगाना के रहने वाले हैं।  साथ ही पहाड़ी राज्य के 20वें पूर्णकालिक राज्यपाल हैं। कुल  मिलाकर अगर देखा जाए तो दत्तात्रेय जी 29वें स्थान पर हैं और कालराज मिश्रा के स्थान पर हिमाचल प्रदेश के गवर्नर के रूप में नियुक्त किए गए हैं। 15 जुलाई,  2019 को हिमाचल प्रदेश के गवर्नर नामित किए गए कलराज मिश्रा का राज्य में गवर्नर के रूप में सबसे कम वक़्त का कार्यकाल था।

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इसके अलावा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रचारक  दत्तात्रेय चार बार सिकंदराबाद से लोकसभा के लिए भी चुने गए और साथ ही अटल बिहारी वाजपेयी और नरेंद्र मोदी सरकारों में मंत्री पद पर भी आसीन रहे।

बीजेपी के वरिष्ठ नेता बंदारु दत्तात्रेय हिमाचल प्रदेश के नए राज्यपाल घोषित

12 जून 1947 को जन्मे दत्तात्रेय साइन्स ग्रेजुएट हैं। दत्तात्रेय सन् 1965 में आरएसएस में शामिल हुए और 1968 तक प्रचारक के रूप में काम किया। उन्होंने जयप्रकाश नारायण के आंदोलन में भी लोक संघर्ष समिति के राज्य संयुक्त सचिव के रूप में भाग लिया। आपातकाल के दौरान दत्तात्रेय जेल भी गए थे।

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1980 में वह नवगठित भाजपा में शामिल हो गए और 1997 में आंध्र प्रदेश के पार्टी अध्यक्ष नियुक्त किए जाने से पहले महासचिव सहित विभिन्न पदों पर आसीन रहे। दत्तात्रेय पहली बार 1991 में लोकसभा के लिए नामित हुए थे। 1998 में वह फिर से लोकसभा में आ गए। बाजपेयी नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में शहरी विकास के लिए केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में भी कार्य-भार संभाला। दोबारा फिर 1999 में सिकंदराबाद सीट को बरकरार रखते हुए शहरी विकास और रेलवे के राज्य मंत्री के पद पर कार्य किया।

दुर्भाग्यवश दत्तात्रेय को 2004 और 2009 के लोकसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा, इन सबके बावजूद 2014 में अपनी सीट वापस हासिल करके पुनः सत्ता में आ गए और मोदी सरकार में श्रम एवं रोजगार के लिए राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में शामिल हुए।