शनिवार को पूर्व वित्त मंत्री रहे अरुण जेटली का दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान मे निधन।

पूर्व वित्त मंत्री अरूण जेटली को सांस लेने मे तकलीफ के चलते दिल्ली के एम्स अस्पताल मे भर्ती कराया गया था।  एम्स ने एक बयान जारी कर कहा है कि वे बेहद दुख के साथ सूचित कर रहे हैं कि 24 अगस्त को 12 बजकर 7 मिनट पर माननीय सांसद अरुण जेटली अब हमारे बीच में नहीं रहे । डॉक्‍टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही थी। अरुण जेटली पिछले कुछ महीनों से बीमार चल रहे थे। वह सॉफ्ट टिशू कैंसर नामक बीमारी से जूझ रहे थे। दरअसल किडनी संबंधी बीमारी के बाद पिछले साल मई में अरुण जेटली का किडनी ट्रांसप्लांट भी हुआ था। किडनी की बीमारी के साथ ही कैंसर होने से उनकी हालत ज्यादा खराब हो गई है। सॉफ्ट टिशू कैंसर के इलाज के लिए वे इसी साल जनवरी में अमेरिका गए थे।

बता दें, जेटली पहले से ही डायबिटीज के मरीज थे। उनका किडनी ट्रांसप्लांट हो चुका था और कुछ दिनों पहले उन्हें सॉफ्ट टिशू कैंसर की भी बीमारी का पता चला था। उन्होंने मोटापे से छुटकारा पाने के लिए बैरिएट्रिक सर्जरी भी करा रखी थी।

बीजेपी के वरिष्ठम नेता अरुण जेटली को बीते कुछ दिनोॆ पहले दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सूत्रों के अनुसार, जेटली को सांस लेने में तकलीफ होने के साथ-साथ उनके फेफड़ों में भी पानी भरा हुआ था। बार-बार पानी निकालने के बावजूद फेफड़ों में पानी जमा हो रहा था,

चिकित्सकों  के अनुसार उन्हें सॉफ्ट टिशू सरकोमा था, यह एक प्रकार का कैंसर होता है और इससे ही सारी दिक्कतें थी।