पाकिस्तान भी कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने पर बहुत परेशान दिखाई पड़ रहा है।

जब से नरेंद्र मोदी सरकार लगातार दूसरी बार सरकार में आई है तब से ही यह सरकार कड़े फैसले लेने में लगी हुई है। सबसे पहले नरेंद्र मोदी सरकार ने तीन तलाक बिल पास कराया। उसके बाद मोदी सरकार ने कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटा दिया। जिसका अलगाववादी नेताओं और विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने जमकर विरोध किया।

 एनआरसी लिस्ट जारी होते ही ओवैसी ने दिया बड़ा बयान, कहा मुसलमान.......

महबूबा मुफ्ती, उमर अब्दुल्ला और कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने पर विरोध में दिखे। हाल ही में राहुल गांधी और कुछ नेता कश्मीर का हाल जानने के लिए श्रीनगर एयरपोर्ट पर पहुंच गए लेकिन कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक के आदेश पर उन्हें वापस लौटना पड़ा जिसके बाद से ही राहुल गांधी लगातार बयानबाजी किए जा रहे हैं। पाकिस्तान भी कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने पर बहुत परेशान दिखाई पड़ रहा है।
अब नरेंद्र मोदी सरकार ने एक और कदम उठाते हुए असम में राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर यानी एनआरसी को लेकर बड़ा फैसला ले लिया है। जानकारी के लिए बता दें कि एनआरसी की अंतिम सूची भी जारी हो चुकी है। इस लिस्ट के आने के बाद राजनीति में हलचल देखी जा रही है। एक तरफ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बैठक बुलाकर लोगों की सुरक्षा की मांग की है तो वहीं दूसरी तरफ हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी की भड़क उठे हैं।

जानकारी के लिए बता दें कि असम के लिए जारी एनआरसी लिस्ट की बात करें तो इसमें कुल तीन करोड़ 11 लाख 21 हजार चार लोगों के नाम हैं। वहीं 19 लाख 6 हजार 657 लोग इस सूची से बाहर कर दिए गए हैं। और इसी वजह से राजनीति में हलचल मची हुई है। कई सारी राजनीतिक पार्टी इसका विरोध कर रही हैं।

हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार पर हमला बोलते हुए कई बड़े बयान दिए हैं। उन्होंने अपने बयान में कहा है कि मुसलमानों के संदर्भ में पूरे भारत में एनसीआर की प्रतिक्रिया को पूरी तरह रोक देना चाहिए। उन्होंने अपने डर को जाहिर करते हुए कहा है कि हो सकता है सरकार नागरिक संशोधन बिल लेकर आए और सिर्फ गैर मुसलमानों को ही नागरिकता देने का कदम उठा ले।