विधायक उमेश अग्रवाल को टिकट ना मिलने से नाराज हो गए थे इसलिए उमेश अग्रवाल ने अपनी पत्नी को निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतारा था।

विधानसभा सीट पर बीजेपी को बड़ी राहत मिली है। बता दें कि अनीता अग्रवाल ने गुड़गांव सीट से अपना भरा हुआ पर्चा वापस ले लिया है। आपको बता दें कि अनीता अग्रवाल बीजेपी के विधायक उमेश अग्रवाल की पत्नी है। विधायक उमेश अग्रवाल को टिकट ना मिलने से नाराज हो गए थे इसलिए उमेश अग्रवाल ने अपनी पत्नी को निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतारा था। तो वही रोहतक में सीएम मनोहर लाल खट्टर ने विधायक उमेश अग्रवाल के साथ मिटिंग की है। बीजेपी से विधायक उमेश अग्रवाल ने सीएम मनोहर लाल खट्टर से मिलकर फैसला लिया की अब वो बीजेपी पार्टी में नहीं रहेगें।

यही वजह रही जब अनीता अग्रवाल ने अपना पर्चा वापस ले लिया। उनके पति ने अपना पर्चा वापस लेने के फैसले से अनीता ने भी अपना पर्चा वापस ले लिया है। तभी अग्रवाल ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि समर्थकों के कहने पर उन्होंने अपनी पत्नी को चुनावी मैदान में उतारने का फैसला किया था। साथ ही कहा, ”टिकट नहीं मिलने के बावजूद मुझे समर्थन मिल रहा था। लोग चाहते थे कि मैं फिर से उनकी सेवा करूं। लेकिन पार्टी के सीनियर नेताओं ने मुझे कहा कि अनीता को अपना नॉमिनेशन वापस लेना चाहिए। इसलिए अनिता ने भी अपना पर्चा वापस ले लिया” तो वही हरियाणा में होने वाले विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 2 मंत्रियों समेत 12 विधायकों के टिकट काटे हैं।

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बता दें कि पांच साल पहले 2014 में बीजेपी हरियाणा की 90 में से 47 सीटों पर अपनी जीत दर्ज की थी। नामांकन वापस लेने के आखिरी दिन 523 प्रत्याशियों ने अपने परचे वापस लिए। हालांकि विधानसभा की 90 सीटों के लिए चुनाव मैदान में 1168 प्रत्याशी बचे हैं। बतादें कि विभिन्‍न दलों के बागियों ने काफी संख्‍या में अपने नामांकन वापस लिए है। तो वहीं हिसार में सर्वाधिक 118 उम्मीदवार और पंचकूला में सबसे कम 24 उम्मीदवार मैदान में हैं।

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