टीबी एक ऐसी बीमारी है जो किसी को भी हो सकती है। टीबी संक्रामक बीमारी है जो शरीर पर बुरा असर डालती है। ये ज्यादातर फेफड़ों को प्रभावित करती है।

बिग बी यानी बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन को आठ साल तक ये नहीं पता चला की उन्हें टीबी था। उन्होंने हाल ही में इस बात का खुलासा किया है। उन्होंने इस बात का खुलासा करते हुए कहा कि ये बताते हुए उन्हें बुरा नहीं लगता कि वो टीबी के मरीज़ रह चुके हैं। अमिताभ बच्चन ने लोगों को सलाह भी दी है कि अगर ये बीमारी उन्हें हो सकती है तो किसी को भी हो सकती है इसलिए डॉक्टर से चेकअप कराते रहें और सावधान रहें। चलिए हम आपको टीबी के बारे में बताते हैं…

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इस बीमारी के लक्षण अमिताभ बच्चन को 8 साल तक नहीं दिखे, आप भी रहें सावधान

टीबी एक ऐसी बीमारी है जो किसी को भी हो सकती है। टीबी संक्रामक बीमारी है जो शरीर पर बुरा असर डालती है। ये ज्यादातर फेफड़ों को प्रभावित करती है। संक्रामक बीमारी होने की वजह से टीबी हवा से आसानी से फैल सकती है। आपको बता दें टीबी की बीमारी दो तरह की होती है लैटेंट टीबी और ऐक्टिव टीबी। आपके शरीर में ट्यूबरक्यूलोसिस के बैक्टीरिया हो सकते हैं लेकिन आपकी इम्यूनिटी इन्हें शरीर में फैलने से रोके रहती है, इसे छिपा हुआ या लैटेंट टीबी कहते हैं। इस टीबी में कई तरह के लक्षण हो सकते हैं जैसे रात में पसीना आना, खांसी, थकान, वजन घटना, जुकाम होना हो सकता है, लेकिन इस केस में बीमारी के एक इंसान से दूसरे इंसान में पहुंचने की संभावना नही रहती।

इस बीमारी के लक्षण अमिताभ बच्चन को 8 साल तक नहीं दिखे, आप भी रहें सावधान

आपको हम पहले ही बता चुके हैं टीबी दो तरह का होता है। लैंटेट टीबी इन्फेक्शन और टीबी डिजीज। चलिए हम आपको बताते हैं कि कब टीबी के लक्षण पता नहीं चल पाते। जब मानव शरीर में सांस से टीबी के बैक्टीरिया चले जाते हैं और इम्यून सिस्टम की वजह से ये बैक्टीरिया बढ़ नहीं पाते तो यह लैटेंट टीबी इन्फेक्शन होता है। इस कंडिशन में बैक्टीरिया इंसान को बीमार किए बिना उसके शरीर में रहते हैं (कुछ ऐसा ही अभिनेता अमिताभ बच्चन के केस में हुआ)। अगर बैक्टीरिया शरीर में बढ़ने लगते हैं तो यही लैटेंट इन्फेक्शन टीबी की बीमारी में बदल जाता है।

अगर आपको भी टीबी होता है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और अपने खान-पान का विशेष ध्यान रखें। अगर आपका लैटेंट टीबी टेस्ट पॉजिटिव है तो डॉक्टर की मदद लें ताकि यह ऐक्टिव टीबी न बन जाए। वहीं अगर किसी इंसान को टीबी है तो उसके साथ एक कमरे में ज्यादा देर तक ना रहें। अगर आपको टीबी के मरीज़ से मिलना भी है तो मास्क का प्रयोग ज़रूर करें।

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