विपक्ष केंद्र सरकार पर नागरिकता कानून को वापस लेने का दबाव बना रहा है। लोग सड़कों पर उतरकर सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

देश में लगातार नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर बहस छिड़ी हुई है। विपक्ष केंद्र सरकार पर नागरिकता कानून को वापस लेने का दबाव बना रहा है। लोग सड़कों पर उतरकर सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन मोदी सरकार ने पहले ही यह साफ कर दिया था कि वो नागरिकता कानून पर किसी तरह से पीछे हटने वाले नहीं हैं।

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गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने रविवार को मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के जबलपुर में सीएए के समर्थन में जनसभा को संबोधित किया। आक्रामक तेवर अपनाते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जब तक वो पाकिस्तान से प्रताडित होकर भारत आये लोगों को नागरिकता नहीं दिला देते तब तक वो आराम से नहीं बैठेंगे। इस दौरान अमित शाह विपक्ष पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि, ‘कांग्रेस चाहे जितना भी नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर ले, जब तक पाकिस्तान से उत्पीड़न का शिकार हो भारत आये लोगों को नागरिकता न दिला दें वो शांत नहीं बैठने वाले हैं।‘ अमित शाह ने कहा कि ऐसे लोगों को नागरिकता दिलाने के बाद हम आराम करेंगे।

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जेएनयू(JNU) पर कांग्रेस (Congress) शासित प्रदेश में बोलते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जेएनयू में देश विरोधी नारे लगाने वाले लड़कों पर कार्रवाई जरूर होगी। केजरीवाल (Kejriwal) पर हमला बोलते हुए शाह ने कहा कि वो देश विरोधी नारे लगाने वाले लड़कों को बचाने की बात करते हैं, लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे। वहीं दूसरी तरफ अमित शाह ने ममता बनर्जी(Mamta Banerjee) और प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) पर सीएए को लेकर गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोगों को गुमराह कर दंगा कराने का काम कर रही है।