उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र के नये मुख्यमंत्री के रुप में शपथ ली। जिसके साथ ही महाराष्ट्र में पहली बार शिवसेना,एनसीपी,कांग्रेस के गठबंधन में सरकार बनी।

महाराष्ट्र में पिछले कुछ दिनों में हमें राजनीति का हर रंग देखने को मिला। सरकार बनाने को लेकर पार्टियां किस हद तक जा सकती है और क्या-क्या कर सकती है। ये भी हमें पिछले कुछ दिनों में महाराष्ट्र में देखने को मिला। इस कशमकश के बीच आखिरकार महाराष्ट्र में ठाकरे युग की शुरुआत हुई। उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र के नये मुख्यमंत्री के रुप में शपथ ली। जिसके साथ ही महाराष्ट्र में पहली बार शिवसेना,एनसीपी,कांग्रेस के गठबंधन में सरकार बनी।

Maharashtra : सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार, ये मंत्री लें रहें शपथ

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महाराष्ट्र को अपना मुख्यमंत्री तो मिल गया लेकिन अभी सरकार के मंत्रियों की तस्वीर साफ नहीं हुई थी। पुत्र मोह और सत्ता का लालच क्या-क्या करवा सकता है, इसका जीता जागता उदाहरण हमें महाराष्ट्र में देखने को मिला। आदित्य ठाकरे भले ही मुख्यमंत्री न बन पाये हों। लेकिन उनको मंत्रीमंडल में शामिल करने के लिए शिवसेना के कई नेताओं को मंत्री पद से हाथ धोना पड़ा। तो वहीं कुछ नेताओं को इसका फायदा भी हुआ।

कुछ को इनाम, कुछ के हाथ खाली

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बीते सोमवार को उद्धव सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ। डिप्टी सीएम समेत 36 मंत्रियों ने मंत्री पद की शपथ ली। जिसमें आदित्य ठाकरे का नाम भी शामिल था। आदित्य ठाकरे की कैबिनेट में एंट्री के साथ ही कुछ नेताओं को तो इनाम मिला तो वहीं कुछ नेताओं को अपने मंत्री पद से हाथ भी धोना पड़ा। जिसको आदित्य ठाकरे के मंत्री बनने की सबसे बड़ी किमत चुकानी पड़ी उसमें सबसे पहला नाम संजय राउत का है।

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उद्धव ठाकरे के सबसे करीबी संजय राउत के भाई सुनील राउत को अपना मंत्री पद गंवाना पड़ा। जबकि एमएलसी अनिल परब और विधायक उदय सामंत को मंत्री बनाया गया। इसके अलावा चुनाव से ठीक पहले शिवसेना में शामिल हुये सचिन अहीर को भी आदित्य ठाकरे के मंत्री बनने का लाभ मिलेगा।

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