Happy Engineer’s Day 2022: जानें देश के महान इंजीनियर डॉ विश्वेश्वरैया के बारे में

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देश के सभी इंजीनियर्स के लिए आज का दिन बेहद खास होता है दरअसल एम विश्वेश्वरैया की जयंती के मौके पर हर साल 15 सितंबर को Engineer’s Day मनाया जाता है। विश्वेश्वरैया पूरी दुनिया के इंजीनियर्स के लिए मिसाल हैं। बता दें कि एम विश्वेश्वरैया का जन्म 15 सितंबर 1861 को मैसूर के कोलार जिले स्थित चिक्काबल्लापुर तालुक में एक तेलुगु परिवार में हुआ था। उनके पिता श्रीनिवास शास्त्री संस्कृत के विद्वान और आयुर्वेद चिकित्सक थे। विश्वेश्वरैया की मां का नाम वेंकाचम्मा था। एम विश्वेश्वरैया के प्रयासों से ही कृष्णराज सागर बांध, भद्रावती आयरन एंड स्टील वर्क्स, मैसूर संदल आइल एंड सोप फैक्टरी, मैसूर विश्‍वविद्यालय, बैंक ऑफ मैसूर का निर्माण हो पाया। जिसके लिए उन्हें साल 1955 में भारत के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। विश्वेश्वरैया ने कई महत्वपूर्ण कार्यों जैसे नदियों के बांध, ब्रिज और पीने के पानी की स्कीम आदि को कामयाब बनाने में भी अविस्‍मरणीय योगदान दिया है। 101 वर्ष की दीर्घायु में 14 अप्रैल 1962 को उनका निधन हो गया था।

ख़राब चीज़ों को सही करने का हुनर सिर्फ इंजीनियर के पास

जब विश्वेश्वरैया केवल 32 वर्ष के थे, उन्होंने सिंधु नदी से सुक्कुर कस्बे को पानी की पूर्ति भेजने का प्लान तैयार किया, जो सभी इंजीनियरों को पसंद आया। सरकार ने सिंचाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के उपायों को ढूंढने के लिए समिति बनाई। इसके लिए एमवी ने एक नए ब्लॉक सिस्टम को ईजाद किया। उन्होंने स्टील के दरवाजे बनाए, जो कि बांध से पानी के बहाव को रोकने में मदद करता था। उनके इस सिस्टम की प्रशंसा ब्रिटिश अधिकारियों ने मुक्तकंठ से की। आज यह प्रणाली पूरे विश्व में प्रयोग में लाई जा रही है। विश्वेश्वरैया ने मूसा व इसा नामक दो नदियों के पानी को बांधने के लिए भी प्लान तैयार किए। इसके बाद उन्हें मैसूर का चीफ इंजीनियर नियुक्त किया गया।

मैसूर में ऑटोमोबाइल और एयरक्राफ्ट फैक्टरी की शुरूआत करने का सपना मन में संजोए विश्वेश्वरैया ने 1935 में इस दिशा में कार्य शुरू किया। बेंगलुरु स्थित हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स तथा मुंबई की प्रीमियर ऑटोमोबाइल फैक्टरी उन्हीं के प्रयासों का परिणाम है। 1947 में वह आल इंडिया मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष बने। वह किसी भी कार्य को योजनाबद्ध तरीके से पूरा करने में विश्वास करते थे। सच कहा जाये तो देश के विकास में इंजीनियर्स का बहुत बड़ा रोल है। आपदा से लेकर निर्माण तक इंजीनियर्स के बिना कुछ भी नहीं हो सकता।

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