क्या है वो राज़ जिसको मरने से पहले विकास दुबे ने कबूला

कानपुर के बिकरू गांव में सीओ समेत 8 पुलिस वालों की हत्या करने वाले गैंगस्टर विकास दुबे का शुक्रवार(10 जुलाई) सुबह एनकाउंटर में अंत हो गया। लेकिन मरने से पहले उसने उज्जैन में अपना बड़ा गुनाह कबूल करते हुए बताया कि वह शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा से नफरत करता था।

ऐसा माना जा रहा था कि विकास दुबे से कई ऐसी बातें पता चल सकती थी जिससे कई बड़े सियासी नाम बेनक़ाब हो सकते थे। विकास के साथ वो सभी सवाल भी खत्म हो गए जिनके जवाब सिर्फ विकास के ही पास थे। लेकिन मरने से पहले विकास ने उज्जैन में अपना बड़ा गुनाह कबूल किया है। बता दें कि उज्जैन में विकास ने कबूला है कि वह शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा से नफरत करता था। पूछताछ में उसने स्वीकारा है कि देवेंद्र मिश्रा की हर गतिविधि के बारे में पुलिस के लोग ही हमें सूचना देते थे। यहां तक कि विकास दुबे के बारे सीओ देवेंद्र मिश्रा कोई व्यक्तिगत कमेंट भी करते थे, तो उसकी भी जानकारी विकास को हो जाती थी। विकास ने गिरफ्तारी के बाद पुलिस के सामने कानपुर कांड को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे भी किए थे।

कौन है एमपी का वो बड़ा नेता जिसकी वजह से सही सलामत उज्जैन पहुंचा विकास दुबे

पूछताछ के दौरान विकास ने यह कबूला है कि उसने सीओ देवेंद्र मिश्रा की हत्या नहीं की है। उसके लोगों ने देवेंद्र मिश्रा को मार दिया। विकास दुबे ने पुलिस के समक्ष कहा है कि सीओ देवेंद्र मिश्रा अकसर मेरे पैर पर कमेंट करते थे। मेरा एक पैर खराब है। इसलिए सीओ कहते थे कि मैं उसका दूसरा पैर भी ठीक कर दूंगा। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विकास दुबे का सीओ देवेंद्र मिश्रा से कई बार विवाद हुआ था। विवाद के दौरान कहासुनी भी हुई थी। आसपास के थानों में तैनात पुलिस कर्मियों ने मुझे जानकारी दी थी कि सीओ देवेंद्र मिश्रा मेरे खिलाफ हैं। ये सारी चीजें जानकर सीओ देवेंद्र मिश्रा के खिलाफ मुझे बहुत गुस्सा आता था। विकास दुबे ने पुलिस के सामने स्वीकारा है कि मेरे साथियों ने आहते से मामा के आंगन में जाकर सीओ पर हमला किया।

सूत्रों के मुताबिक विकास ने पूछताछ के दौरान यह कबूला था कि मुझे पहले ही पुलिस की छापेमारी के बारे में खबर मिल गई थी। मुझे जो खबर थी, उसके अनुसार पुलिस भोर में पहुंचने वाली थी। लेकिन पुलिस छापेमारी के लिए रात को ही पहुंच गई। एनकाउंटर में पुलिस के जवान मारे गए। पुलिसकर्मियों के शव को हम लोग जलाने वाले थे। शवों को इकट्ठा भी कर लिया था। लेकिन रात को और पुलिस आने लगी, तो हम लोग भाग निकले। बता दें कि विकास दुबे की पत्नी ऋचा, उसके बेटे और नौकर को भी लखनऊ में हिरासत में लिया जा चुका है।

ABSTARNEWS के ऐप को डाउनलोड कर सकते हैं. हमें फ़ेसबुकट्विटरइंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो कर सकते है