लाखों फैंस के दिलो पर राज करने वाले ‘डिएगो माराडोना’ का निधन

0
241
Footballer

बुधवार को फुटबॉल के जादूगर खिलाड़ी डिएगो माराडोना का 60 साल की उम्र में देहांत हो गया। आपको बता दें कि गरीब परिवार में जन्मे माराडोना ने अपने जीवन में जो हासिल किया उसकी कई खिलाड़ी बस कल्पना ही कर सकते है। फुटबॉल मैदान के बाहर माराडोना अपनी जीवन शैली, कोकीन-शराब की लत और कई बच्चों के चलते हमेशा सुर्खियों में बने रहे। अद्भभुत प्रतिभा के धनी माराडोना को कुछ लोग ब्राजील के महान फुटबॉलर पेले से भी शानदार खिलाड़ी मानते हैं।

माराडोना का जन्म 1960 में अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स के झुग्गी-झोपड़ियों वाले एक कस्बे लानुस में हुआ था। माराडोना सीनियर के आठ संतानों में माराडोना उनके पांचवें बच्चे थे। माराडोना का बचपन बेहद गरीबी में गुजरा। उनके पिता आस-पास के गांवों घूम-घूमकर मवेशी बेचा करते थे। बाद में उन्होंने एक केमिकल फैक्ट्री में नौकरी की। माराडोना सिर्फ 15 वर्ष की आयु में ही सुपरस्टार बन चुके थे। उन्होंने सिर्फ 16 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल जगत में कदम रख दिया था। फुटबॉल जगत के इतिहास में माराडोना और मेस्सी ही ऐसे खिलाड़ी रहे हैं जिन्होंने फीफा अंडर 20 वर्ल्ड कप और वर्ल्ड कप में गोल्डन बॉल का खिताब जीता है।

1978 में माराडोना को छोटे कद के कारण राष्ट्रीय फुटबॉल टीम में जगह नहीं मिली थी और वह फीफा वर्ल्ड कप में खेलने से चूक गए। इसके बाद 1982, 1986, 1990 और 1994 में माराडोना ने फीफा वर्ल्ड कप में भाग लिया। दुनियाभर के फुटबॉलप्रेमियों में इस खबर से शोक की लहर दौड़ गई है और सोशल मीडिया पर इस महान फुटबॉलर को श्रद्धांजलि दी जा रही है। आपको बता दें कि पेले की ही तरह 10 नंबर की जर्सी पहनने वाले दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फुटबॉलरों में गिने जाने वाले माराडोना 60 साल के थे। पिछले लंबे समय से वह कोकीन की लत और मोटापे से जुड़ी कई परेशानियों से जूझ रहे थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गुरुवार सुबह ट्वीट करते हुए डिएगो माराडोना को याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ट्वीट में लिखा, डिएगो माराडोना फुटबॉल के उस्ताद थे, जिनको दुनियाभर के लोगों ने प्यार दिया। पूरे करियर के दौरान, उन्होंने लोगों को फुटबॉल फील्ड पर बेहद शानदार पल दिए। उनके निधन से हम सभी दुखी हैं, ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें।