Agneepath Scheme का विरोध करने वाले उपद्रवियों से नहीं वसूला जाएगा जुर्माना: Patna High Court

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बीते दिनों बिहार में Agneepath Scheme के विरोध के नाम पर प्रदर्शनकारियों ने जमकर उत्पात मचाया। पूरे देश में जो कुछ भी हुआ वो किसी से छुपा नहीं है। Patna High Court ने सरकारी संपत्ति के हुए नुकसान की भरपाई उपद्रवियों से करने की मांग करने वाली जनहित याचिका को खारिज कर दिया है।

अब राज्य में उपद्रवियों से जुर्माना वसूलने की फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं होने वाली है। याचिका में छात्रों को भड़काने और अराजकता फैलाने वाले तत्वों की मदद करने वाले लोगों की जांच करने की भी मांग की गई थी। बता दें कि Patna High Court के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति एस कुमार की खंडपीठ ने शुक्रवार(1 जुलाई) को इस मामले पर सुनवाई की।

कोर्ट को बताया गया कि जिम्मेदार अधिकारी उग्र आंदोलन को रोकने में नाकामयाब रहे। इस कारण कई सौ करोड़ रुपये की सरकारी संपत्ति को नष्ट किया गया। उनका कहना था कि इस आंदोलन में क्षतिग्रस्त संपत्ति का आकलन कर आंदोलनकारियों से पैसों की वसूली की जाए। साथ ही इस आंदोलन में भाग लेने वाली राजनीतिक पार्टियों पर भी जुर्माना लगाया जाए।

याचिकाकर्ता के मुताबिक इस घटना को समय रहते नहीं रोक पाने वाले सरकारी अधिकारियों पर भी कानूनी कार्रवाई की जाए और उनपर जुर्माना लगाया जाए। कोर्ट को बताया गया कि इस उग्र और हिंसक आंदोलन के कारण न सिर्फ रेलवे को काफी नुकसान हुआ, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई।

दानापुर रेल मंडल को करीब 260 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। वहीं, महाधिवक्ता ललित किशोर ने कोर्ट को बताया कि इस आंदोलन से निपटने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह मुस्तैद थी। सरकार ने आंदोलन को रोकने के लिए सख्त इंतजाम किए थे लेकिन गलत नीयत से सरकार को बदनाम करने के लिए इस प्रकार की लोकहित याचिका दायर की गई है। राज्य सरकार ने अराजक तत्वों पर कार्रवाई की है। सरकारी संपत्ति की रक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किए गए थे। महाधिवक्ता की ओर से दी गई जानकारी के बाद कोर्ट ने लोकहित याचिका को खारिज कर दिया।

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