मिलाद-उन-नबी के अवसर पर फारूक अब्दुल्ला को नमाज पढ़ने के लिए घर से बाहर जाने पर लगाई पाबंदी

देश भर में आज मिलाद-उन-नबी का त्यौहार मनाया जा रहा है। नेशनल कॉन्फ्रेंस ने दावा किया है कि जम्मू-कश्मीर में पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला को घर से बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है। पार्टी ने दावा किया है मिलाद-उन-नबी के मौके पर उन्हें घर से बाहर नहीं निकलने दिया गया, जिसके कारण वह बाहर जाकर नमाज नहीं पढ़ सके।

हर साल पैगम्बर मोहम्मद की जयंती के अवसर पर मिलाद-उन-नबी मनाया जाता है। इसे इस्लामी कैलेंडर के तीसरे माह रबी-अल अव्वल में मनाया जाता है। बता दें कि इस दिन मेला लगता है, जश्न मनाया जाता है साथ ही मस्जिदों को सजाया जाता है। ऐसे में हर मुस्लिम मस्जिद में जाकर नमाज़ अदा करना चाहता है और इस बार वैसे भी ये त्यौहार जुम्मे के दिन पड़ रहा है जिस वजह से नमाज़ की वैल्यू और भी बढ़ जाती है। बता दें कि जम्मू-कश्मीर में पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला को घर से बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है। पार्टी ने दावा किया है मिलाद-उन-नबी के मौके पर उन्हें घर से बाहर नहीं निकलने दिया गया, जिसके कारण वह बाहर जाकर नमाज नहीं पढ़ सके। नेशनल कॉन्फ्रेंस के मुताबिक फारुख अब्दुल्ला हजरतबल दरगाह जाना चाहते थे लेकिन उन्हें ऐसा करने से रोक दिया गया। वहीं इस मामले में अभी तक प्रशासन की ओर से कोई टिप्पणी नहीं की गई है।

इस पूरे मामले पर नेशनल कॉन्फ्रेंस की ओर ट्वीट कर बताया गया कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने पार्टी अध्यक्ष डॉ. फारुक अब्दुल्ला के आवास को पूरी तरह से बंद कर दिया है। उन्हें नमाज पढ़ने के लिए दरगाह हजरतबल जाने से भी रोक दिया गया। पार्टी ने कहा कि मिलाद-उन-नबी के पवित्र अवसर पर प्रार्थना के मौलिक अधिकार के उल्लंघन की निंदा करता है। बता दें कि फारूक अब्दुल्ला शुक्रवार को डल झील के किनारे स्थित हजरतबल दरगाह पर जाकर नमाज पढ़ने वाले थे। वह नमाज पढ़ने के लिए जैसे ही निकलने वाले थी तभी उन्हें घर से बाहर आने से रोक दिया गया। कैसा वक़्त आ गया है इंसान आज़ाद भारत में भी आज़ाद नहीं हैं। त्यौहार के दिन ही किसी बड़े नेता को घर से बाहर निकलने से रोक दिया जाता है तो आप खुद ही अंदाज़ा लगा सकते हैं कि आम आदमी के साथ क्या सुलूक किया जाता होगा।

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