गाजीपुर बॉर्डर पर भड़के किसान नेता, कहा पुलिस लगाएगी धारा 144 तो हम लगायेंगे धारा 288

0
625

नई दिल्ली: केंद्र सरकार के नये कृषि कानून को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों से केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसान संगठनों के नेताओं को कोविड-19 महामारी एवं सर्दी का हवाला देते हुये तीन दिसंबर की जगह मंगलवार को बातचीत के लिये आमंत्रित किया है। आपको बता दें कि लाखों किसान दिल्ली की सीमा पर पिछले पांच दिनों से धरने पर हैं।

इस बीच गाजीपुर के भी किसान ने दिलचस्प नजारा पेश किया है, किसानों ने जहां एक लाइन खींचकर एक तरफ सेक्शन 144 तो दूसरी तरफ सेक्शन 288 लिख दिया है। इस मामले पर किसानों का कहना है कि पुलिस अगर किसानों को इकट्ठा होने से रोकने के लिए धारा 144 का इस्तेमाल करेगी तो हम भी उससे दोगुनी धारा 288 लगा देंगे।

आपको बता दें कि भारतीय किसान यूनियन  के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि उत्तर प्रदेश और बिहार से भारी संख्या में किसान आने वाले हैं। टिकैत ने आगे कहा कि कहा, ‘जब तक सरकार हमसे बातचीत करके कानून में बदलाव नहीं लाती है तब तक हम यहीं डटे रहेंगे। उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में और किसानों के कई जत्थे यहां पहुंचेंगे। अगर पुलिस सेक्शन 144 लगाएगी तो हम सेक्शन 288 लगा देंगे। हम बैरिकेड के इस तरफ प्रदर्शन करेंगे और पुलिस यहां नहीं आ सकेगी।’

उधर, बीकेयू के उपाध्यक्ष राजवीर सिंह ने कहा कि वो 3 दिसंबर का इंतजार कर रहे हैं जिस दिन सरकार से बातचीत होनी है। उन्होंने कहा, ‘लेकिन अगर सरकार बातचीत नहीं करेगी तो हम एनएच 24 का हर लेन, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और सभी दूसरे महत्वपूर्ण हाइवेज को ब्लॉक कर देंगे। दूसरे किसान संगठन दिल्ली जाने वाली हर सड़क चॉक कर देंगे।’