इस बार बीजेपी और शिवसेना जहां एक साथ चुनावी मैदान में है। तो दूसरी तरफ कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस एक साथ चुनावी अखाड़े में उतर रहे हैं।

भारत की आर्थिक राजधानी महाराष्ट्र में इस बार विधानसभा चुनावों की सरगर्मियां काफी तेज है। इस बार के चुनावी समर में बीजेपी और शिवसेना जहां एक साथ चुनावी मैदान में है। तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस एक साथ चुनावी अखाड़े में उतर रहे हैं।

महाराष्ट्र की सियासत के चाणक्य कहे जाने वाले शरद पवार और ईडी की जंग के बीच चुनावी संग्राम काफी दिलचस्प हो चला है। इस बार के चुनावों में कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) विधानसभा की 288 सीटों में से 125-125 सीटों पर चुनाव लड़ने पर सहमत हुई हैं। बाकी 38 सीटें अन्य गठबंधन सहयोगियों को दी जाएंगी। वहीं शिवसेना और बीजेपी ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए 125 और 124 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है।

बीजेपी की लिस्ट में 12 मौजूदा विधायक को टिकट नहीं दिया गया है। जबकि 91 विधायकों को फिर से टिकट मिला है।

 बीजेपी की लिस्ट में 12 मौजूदा विधायक को टिकट नहीं दिया गया है। जबकि 91 विधायकों को फिर से टिकट मिला है।

बीजेपी ने जहां इन चुनावों के लिए 125 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। तो वहीं शिवसेना ने भी 124 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की है। बीजेपी की लिस्ट में 12 मौजूदा विधायक को टिकट नहीं दिया गया है। जबकि 91 विधायकों को फिर से टिकट मिला है। वहीं राज्य के सीएम देवेंद्र फडणवीस नागपुर साउथ वेस्ट से चुनावी मैदान में है। बीजेपी की जारी लिस्ट के मुताबिक चंद्रकात पाटिल को कोथरुड से टिकट मिला है।  इसके अलावा शिवाजी महाराज के परिवार से शिवेंद्र सिंह को टिकट मिला है।  वह सतारा से चुनावी मैदान में उतरेंगे। वहीं कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल हुए राधाकृष्ण विखे पाटिल को बीजेपी ने शिरडी से टिकट दिया है। इसके अलावा जामनेर से गिरीश महाजन को टिकट मिला है।

इससे पहले कांग्रेस ने 29 सितंबर को 51 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की है। इस सूची में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण का नाम भी शामिल है।

विधानसभा चुनावों के लिए दोनों पार्टियों ने कमर कस ली है। अपने-अपने तरीके से दोनों पार्टियां चुनावी रणनीति बनाने में लगी हुई है। लेकिन इस बार के चुनावी अभियान में बीजेपी जहां पूरे दमखम के साथ मैदान में उतरी है तो वहीं कांग्रेस ने इस मामले में थोड़ी सुस्ती बरती है।

8.94 करोड़ मतदाताओं वाले इस राज्य में बीजेपी ने चीर परिचित अंदाज में कई चुनावी रैलियां की। 

इस बार के चुनावी समर में मुकाबला बीजेपी-शिवसेना और एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन के बीच में सीधे तौर से देखा जा रहा है। सीट शेयरिंग के फार्मूले के बाद बारी चुनावी प्रचार की थी। 8.94 करोड़ मतदाताओं वाले इस राज्य में बीजेपी ने चीर परिचित अंदाज में कई चुनावी रैलियां की। प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर से जनता के बीच जाकर वोट अपील की। पीएम मोदी 19 सितंबर को नासिक में रैली के जरिए चुनावी हुंकार भर चुके हैं। इस रैली के जरिए पीएम मोदी कश्मीर के बहाने अपने चुनावी मैप को भी सामने रख चुके हैं। पीएम मोदी के अलावा गृह मंत्री अमित शाह भी चुनाव प्रचार का आगाज कर चुके हैं। यानी केंद्र से लेकर राज्य तक बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व प्रचार में उतर चुका है। जिसमें देवेंद्र फडणवीस भी जन आशिर्वाद यात्रा के जरिए जनता के बीच पहुंच चुके है। जबकि दूसरी तरफ कांग्रेस के बड़े चेहरे रैलियों से नदारद हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर से जनता के बीच जाकर वोट अपील की।  प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर से जनता के बीच जाकर वोट अपील की।

कांग्रेस अध्यक्ष पद संभाल रहीं सोनिया गांधी भी मराठा जमीन पर नहीं उतर पाई हैं। वहीं, चार महीने पहले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष की आवाज बनकर बीजेपी और पीएम मोदी के खिलाफ लड़ने वाले राहुल गांधी महाराष्ट्र चुनाव की पिक्चर से पूरी तरह से गायब नजर आ रहे हैं। तो ऐसे में शिवसेना और बीजेपी गठबंधन से कांग्रेस और एनसीपी गठबंधन को पार पाना मुश्किल नजर आ रहा है।