जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्र संघ चुनाव के नतीजे घोषित करने पर हाई कोर्ट ने रोक लगाई है।

छात्र संघ चुनाव की वोटों की पूरी गिनती हो चुकी है। हालांकि, परिणाम घोषित होने के बजाय उसे अदालत में जमा किया जाएगा. अध्यक्ष पद पर लेफ्ट फ्रंट के आइशे घोष आगे।

दिल्ली हाई कोर्ट ने नतीजे घोषित करने पर लगाई रोक

दिल्ली हाई कोर्ट ने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के छात्र संघ चुनाव के नतीजे जारी करने पर रोक लगा दी है। साथ ही मामले की सुनवाई 17 सितंबर तक के लिए टाल दी है। दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि इस मामले में अगले आदेश तक जेएनयू छात्र संघ के चुनाव जारी न किए जाएं।

JNU के छात्र संघ चुनावों के नतीजों पर दिल्ली हाई कोर्ट ने अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। बता दें कि दिल्ली हाई कोर्ट में दो अलग-अलग याचिकाएं दाखिल की गई थीं, जिसमें पहली याचिका में कहा गया था कि छात्रसंघ चुनावों में लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों का उल्लंघन किया गया है।

लेफ्ट फ्रंट के आइशे घोष आगे हैं।

बापसा के जितेंद्र सुना दूसरे नंबर पर और एबीवीपी उम्मीदवार मनीष जांगिड़ तीसरे नंबर पर हैं। इसके बाद एनएसयूआई के प्रशांत कुमार चौथे नंबर पर और सीआरजेडी की प्रियंका भारती पांचवे नंबर पर हैं। ट्रेंड्स के मुताबिक निर्दलीय राघवेंद्र मिश्रा को सबसे कम वोट मिले हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक उपाध्यक्ष पद की बात करें तो अभी तक लेफ्ट फ्रंट के साकेत मून को 3028 वोट मिले हैं। इसके बाद एबीवीपी की श्रुति अग्निहोत्री को 1165 वोट हासिल हुए हैं। CRJD के ऋषि राज यादव को 216 वोट मिले हैं। इसके अलावा छात्रसंघ के महसचिव पद के लिए अभी तक लेफ्ट फ्रंट के सतीश चंद्र यादव 2228 वोट पाकर आगे हैं।

इसके बाद एबीवीपी के सबरीश पीए को 1182, बापसा के वसीम आरएस को 1070 वोट मिले हैं। संयुक्त सचिव पद पर लेफ्ट फ्रंट के मोहम्मद दानिश 2938 वोट हासिल कर अभी तक सबसे आगे हैं। इसके बाद एबीवीपी के सुमंत्र कुमार साहू को 1310 वोट मिले हैं और वह दूसरे नंबर पर हैं।