टिकट बंटवारे के समय भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय शिवसेना के बीच में मतभेद देखने को मिला।

 भारतीय जनता पार्टी को उम्मीद थी कि वह इस बार अकेले दम पर महाराष्ट्र चुनाव जीत जाएगी लेकिन...

महाराष्ट्र और हरियाणा के चुनाव संपन्न होने के बाद उनके नतीजे भी आ चुके हैं। महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना गठबंधन को बहुत बढ़त मिली है। देखा जाए तो भारतीय जनता पार्टी उतने शानदार तरीके से महाराष्ट्र में नहीं जीत पाई जितनी बीजेपी की देश में लहर बताई जा रही थी। भारतीय जनता पार्टी को उम्मीद थी कि वह इस बार अकेले दम पर महाराष्ट्र चुनाव जीत जाएगी लेकिन वह चुनाव के नतीजे के बाद ही जीत के आसपास भी दिखाई नहीं दी।

ठाकरे परिवार के छोटे बेटे आदित्य ठाकरे इस बार चुनाव में खड़े हुए थे।

 ठाकरे परिवार के छोटे बेटे आदित्य ठाकरे इस बार चुनाव में खड़े हुए थे।

जानकारी के लिए बता दें कि ठाकरे परिवार के छोटे बेटे आदित्य ठाकरे इस बार चुनाव में खड़े हुए थे। आदित्य ठाकरे उद्धव ठाकरे के बेटे हैं जिन्होंने मुंबई की वर्ली सीट से चुनाव लड़ा और बड़ी जीत हासिल की। अब खबर यह आ रही है कि शिवसेना आदित्य ठाकरे को सीएम बनाने के लिए एनसीपी-कांग्रेस से भी हाथ मिला सकती है। वह बात अलग है कि भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय शिवसेना ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा लेकिन सुर चुनाव से पहले भी मेल नहीं खाते थे।

टिकट बंटवारे के समय भी भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय शिवसेना के बीच में मतभेद देखने को मिला था। भारतीय जनता को ज्यादा सीट मिलना शिवसेना के लिए बिल्कुल भी अच्छा नहीं रहा क्योंकि अगर सीटों की संख्या शिवसेना की ज्यादा होती तो वह मुख्यमंत्री पद के लिए आदित्य ठाकरे को सामने रखती। लेकिन शिवसेना ने अभी भी हार नहीं मानी है और वह आदित्य ठाकरे को सीएम बनाने के लिए कांग्रेस और एनसीपी से गठबंधन भी कर सकती हैं।