Online Classes से बच्चे हुए चिड़चिड़े, Delhi Government के सर्वे में हुआ खुलासा

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Coronavirus का आतंक कुछ कम हैं लेकिन अभी भी इसके नुकसान लोग भुला नहीं सके हैं। Covid के दौरान बच्चों ने Online Classes के ज़रिए पढ़ाई की, ये बात सभी जानते हैं लेकिन ये बात कम लोग जानते हैं कि Covid के दौरान बच्चों की पढ़ाई का नुकसान तो हुआ है,साथ ही मानसिक तनाव के कारण उनके व्यवहार में चिड़चिड़ापन भी बढ़ गया है। अलग-अलग कक्षाओं में 48-52 फीसदी तक पढ़ाई पर खराब असर हुआ है।

Delhi Government की तरफ से Covid के दौरान बच्चों की पढ़ाई, उनके मानसिक स्वास्थ्य व व्यवहार पर पड़े असर को लेकर कराए गए अध्ययन में यह जानकारी सामने आई है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर Online Classes सिर्फ बेहद आपात स्थिति में लागू करने की व्यवस्था के साथ बच्चों को इसके लिए जरूरी यंत्र उपलब्ध कराने की भी सिफारिश की गई है। Delhi Government ने अप्रैल 2022 में Covid के दौरान Online Classes को लेकर बच्चों पर पड़े असर को लेकर एक अध्ययन किया। इसमें कक्षा एक से 12 तक के 9087 बच्चों, 1753 अभिभावकों और 1772 शिक्षकों को शामिल किया गया। इनमें सरकारी व निजी दोनों तरह के स्कूलों को शामिल किया गया।

सर्वे में सामने आया कि बच्चों के तनाव के कई कारण रहे। पहला 90 फीसदी बच्चों ने Online Classes के बजाय फिजिकल कक्षाओं को याद किया। Online Classes लेने वाले 33 फीसदी छात्रों के पास बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी नहीं थी या लिमिटेड कनेक्टिविटी थी। 20 फीसदी छात्रों के पास तो Online Classes के लिए कोई टूल (मोबाइल, टैब या लैपटॉप) ही नहीं था। 35 फीसदी छात्रों के अभिभावकों की नौकरी चली गई थी। कई ऐसे थे जिनके आय में कटौती हुई थी। यही वजह रही कि Online Classes में सिर्फ 60 फीसदी छात्र-छात्राएं की रेग्यूलर क्लास में शामिल रहे। 90 फीसदी बच्चों ने कहा कि शिक्षकों ने पढ़ाई सामग्री शेयर की। वहीं, 80 से 86 फीसदी विद्यार्थी शिक्षकों के संपर्क में रहे। 72 फीसदी छात्रों ने इस दौरान माइंडफुलनेस अध्ययन कर रहे थे।

बड़ी कक्षाओं के बच्चों ने छोटे छात्रों की तुलना में ज्यादा मानसिक तनाव लिया। कक्षा 9 से 12 के 74 फीसदी बच्चों ने परीक्षा को लेकर व 65 फीसदी ने Online Classes के दौरान तनाव लिया। कक्षा 5 से 8 तक के 65 फीसदी छात्रों ने परीक्षा और 58 फीसदी ने Online Classes को लेकर तनाव लिया। कक्षा एक से चार तक के 75 फीसदी छात्र-छात्राएं खुश दिखे, सिर्फ 25 फीसदी में तनाव दिखा।

जानें, क्या रहा परिणाम

  • 45 से 48 फीसदी शिक्षकों ने कहा कि बच्चों पर Online Classes का नकारात्मक असर पड़ा है।
  • 48-52 फीसदी छात्र-छात्राएं इस दौरान तनाव के साथ चिड़चिड़े हो गए।
  • 90 फीसदी छात्रों ने फिजिकल स्कूल को याद किया।
  • 90 फीसदी बच्चों ने कहा कि शिक्षकों को पढ़ाई की सामग्री शेयर की।
  • 80 से 86 फीसदी छात्र शिक्षकों के संपर्क में रहे।
  • 60 फीसदी छात्रों नेरेग्यूलर Online Classes में शामिल हुए।
  • 72 फीसदी छात्रों ने इस दौरान माइंडफुलनेस प्रेटिस में शामिल हुए।

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