Chhath Puja : ख़ूबसूरत नज़ारे की हक़ीक़त, Delhi में छठ व्रतियों ने की सूर्य की अराधना

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त्यौहारों का मौसम है, क़यामत का माहौल है। Delhi में आजकल आसमान में छाई धुंध और Yamuna नदी में तैरते सफेद झागों के दृश्यों को देखकर पहली नज़र में आपको धार्मिक टीवी सीरियलों दिखाए जाने वाले स्वर्ग लोक के आसपास उड़ते बादलों जैसी अनुभूति होगी, लेकिन गौर से देखने पर हकीकत शर्मिंदा करने वाली नज़र आती है।

दिवाली के बाद से ही Delhi में हवा और यमुना का पानी दोनों खतरनाक होते जा रहे हैं। ऐसे में सोमवार(8 नवंबर) से नहाय-खाय के साथ शुरू हुए भगवान सूर्य की उपासना के चार दिवसीय महापर्व छठ पर प्रदूषित Yamuna ने श्रद्धालुओं की परेशानियां बढ़ा दी है। Delhi में मंगलवार सुबह आईटीओ और कालिंदी कुंज के पास Yamuna नदी में तैरते जहरीले झागों की मोटी परत के बीच छठ पूजा के दूसरे दिन खरना पर श्रद्धालुओं ने नदी में खड़े होकर पूजा-अर्चना की।

7 नवंबर की सुबह से ही कालिंदी कुंज के पास यमुना नदी की सतह पर जहरीले झाग तैरते दिख रहे हैं। हवा-पानी के साथ दूषित होने से सरकार के साथ पर्यावरणविद् भी चिंतित हैं। छठ से पहले प्रदूषण को लेकर सियासी घमासान लगातार जारी है। Delhi सरकार वायु प्रदूषण और Yamuna के पानी में प्रदूषक तत्वों की मात्रा बढ़ने को लेकर कई बार चिंता जता चुकी है, लेकिन अब तक इस समस्या पर काबू नहीं पाया जा सका है।

पहली नज़र में कालिंदी कुंज और आईटीओ के पास Yamuna नदी की सतह पर तैरते इन जहरीले झागों के बीच खड़े इन छठ श्रद्धालुओं को देखने से ऐसा लगता है जैसे ये आसमान में उड़ते बादलों के बीच भगवान सूर्य की अराधना कर रहे हैं, लेकिन असल में वह जहरीले झागों का गंदा पानी है। कालिंदी कुंज के पास Yamuna घाट पर पूजा के लिए पहुंची एक श्रद्धालु ने कहा कि हम जानते हैं कि Yamuna नदी का पानी गंदा है और यह खतरनाक हो सकता है, लेकिन इसके सिवाय हमारे पास कोई विकल्प नहीं है क्योंकि नदी के बहते पानी में खड़े होकर सूर्य देव की पूजा की जाती है।

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