सोने की कीमतों में आ रहा उछाल, चांदी की कीमतों में भी आएगी तेजी

कोरोनावायरस के चलते सभी जगह मंदी देखने को मिल रही है लेकिन सोने के दाम में तेज़ी देख लोग परेशान हैं। गोल्ड मार्केट में इस साल सोने का भाव साल 2011 की रिकॉर्ड तेजी के भी आगे निकल सकता है। उम्मीद की जा रही है कि अगले 6 से 9 महीने में सोने की कीमतोंं में जबरदस्त तेजी देखने को मिलेगी और यह अब तक के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाएगा।

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कोरोना लॉकडाउन के चलते लोग घर पर रहने को मजबूर हैं। कोई भी कहीं भी जाने से बच रहा है। ऐसे में सोना खरीदने की जो सोच रहे थे उन्हें ये सुनकर हैरानी हो रही है कि सोने की क़ीमत इतनी तेज़ी से बढ़ रही है। बता दें कि इस साल सोने के भाव में रिकॉर्ड तेजी के लिए कई तरह के फैक्टर्स शामिल हैं। सिटीग्रुप इंक के मुताबिक, सोने में यह तेजी मौद्रिक नीति, रियल यील्ड्स में कमी, एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स में रिकॉर्ड इनफ्लो और एसेट एलोकेशन में इजाफे की वजह से देखने को मिल रहा है। इतना ही नही इस बात की पूरी संभावना बनते दिखाई दे रही है कि अगले 3 से 5 महीनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में यह 2 हजार डॉलर प्रति आउंस के पार चला जाए।

ध्यान दें – सोमवार (20 जुलाई) को दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने का नया भाव 31 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता 49,916 रुपये के स्तर पर रहा। जबकि चांदी की कीमतों में भी सोमवार को 51 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद नया भाव 53,948 रुपये के स्तर पर रहा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी का नया भाव 19.32 डॉलर प्रति आउंस रहा। वहीं, यहां आज सोने का नया भाव 1,809 डॉलर प्रति आउंस रहा।

चांदी की कीमतब्लूमबर्ग ने अपनी एक रिपोर्ट में एनलिस्ट्स के हवाले से कहा है कि यह सोने की मांग से चांदी की कीमतों में भी तेजी देखने को मिलेगी। हाल ही में, न्यूयॉर्क में यह 3 साल के नये रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था। जानकारों के मुताबिक सभी G-10 देशों और उभरते बाजारों में देखें तो सोने के दाम में मामूली बढ़ोतरी होने के बाद भी यह नये रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है।

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2011 के बाद से इस साल स्पॉट गोल्ड में 19 फीसदी की इजाफा हुआ है। यह तेजी मौजदू महामारी के बीच निवेशकों द्वारा सुरक्षित निवेश विकल्प को तवज्जो देने की वजह से हुआ है। हालांकि, कुछ हद तक ढीली मौद्रिक नीतियों और अर्थव्यवस्थाओं में सुस्ती से भी इसे सपोर्ट मिला है।

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