बेहद ख़ास है Bundelkhand Expressway, Delhi से चित्रकूट भी हुआ क़रीब

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कहीं दूर जाने से पहले ही इंसान डर जाता है कि लम्बा सफर कैसे पूरा होगा लेकिन Expressway की वजह से हर दूरी कम हो जाती है। PM Narendra Modi ने 14,850 करोड़ रुपये की लागत से बने और उत्तर प्रदेश के सात जिलों से गुज़रने वाले 296 किलोमीटर लंबे Bundelkhand Expressway का शनिवार (16 जुलाई) को उद्घाटन किया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी उद्घाटन कार्यक्रम में मौजूद थे।

Bundelkhand Expressway से बुंदेलखंड के लोग छह घंटे में दिल्ली पहुंच सकेंगे। PM Modi ने उद्घाटन के मौके पर कहा भी कि Bundelkhand Expressway से चित्रकूट से Delhi की दूरी तो 3-4 घंटे कम हुई ही है, लेकिन इसका लाभ इससे भी कहीं ज्यादा है। ये एक्सप्रेसवे यहां सिर्फ वाहनों को गति नहीं देगा, बल्कि ये पूरे बुंदेलखंड की औद्योगिक प्रगति को गति देगा।

प्रधानमंत्री मोदी के उत्तर प्रदेश आने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत करते हुए ट्वीट किया, ‘महान ऋषि-मुनियों की तपोस्थली, सृजन की धरा, विभिन्न संस्कृतियों की संगमस्थली, उत्तर प्रदेश की क्रांति भूमि पर नए भारत के शिल्पकार आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन।’

  1. प्रधानमंत्री ने 29 फरवरी, 2020 को Bundelkhand Expressway का शिलान्यास किया था। इस एक्सप्रेसवे का काम 28 महीने के भीतर पूरा कर लिया गया है।
  2. इस चार लेन वाले एक्सप्रेसवे का निर्माण उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीईआईडीए) के तत्वावधान में लगभग 14,850 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है और आगे चलकर इसे छह लेन तक भी विस्तारित किया जा सकता है।
  3. यह एक्सप्रेस-वे चित्रकूट जिले में भरतकूप के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-35 से लेकर इटावा जिले के कुदरैल गांव तक फैला हुआ है, जहां यह आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के साथ मिल जाता है। यह एक्सप्रेसवे सात जिलों-चित्रकूट, बांदा, महोबा, हमीरपुर, जालौन, औरैया और इटावा- से होकर गुजरता है।
  4. Bundelkhand Expressway से सफर के दौरान बागेन, केन, श्यामा, चंद्रावल, बिरमा, यमुना, बेतवा और सेंगर नदियां पड़ेंगी। इसमें कुल चार रेलवे ओवरब्रिज, 14 बड़े पुल, छह टोल प्लाजा, सात रैंप प्लाजा, 266 छोटे पुल और 18 फ्लाई ओवर हैं।
  5. Bundelkhand Expressway इस इलाके की कनेक्टिविटी में सुधार के साथ-साथ आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देगा, क्योंकि इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के ढेरों अवसर सृजित होंगे। बांदा और जालौन जिलों में इस एक्सप्रेस-वे के समीप औद्योगिक गलियारा बनाने का काम पहले ही शुरू हो चुका है।

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