BJP हमें न सिखाएं मां काली की पूजा करना: Mahua Moitra

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इन दिनों हर तरफ तृणमूल कांग्रेस की सांसद Mahua Moitra का नाम और उनकी बातें चर्चा में बनी हुईं हैं। अब Mahua Moitra ने कहा है कि BJP हिंदू देवी-देवताओं की संरक्षक नहीं है और उन्हें बंगालियों को देवी काली की पूजा करना नहीं सिखाना चाहिए। एक बंगाली समाचार चैनल से बात करते हुए, Mahua Moitra ने कहा कि उन्होंने मां काली पर टिप्पणी करके एक परिपक्व राजनेता की भूमिका निभाई, जबकि BJP समेत अन्य जातीय पार्टियां अपने हिंदुत्व के एजेंडे और अपने विचारों को थोपने का प्रयास कर रही है।

टीएमसी नेता Mahua Moitra ने मां काली पोस्टर विवाद पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि वो मां काली को शराब और मांस स्वीकार करने वाली देवी के रूप में देखती हैं। उनके बयान ने तुरंत तूल पकड़ा और सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक उनके खिलाफ गुस्सा बढ़ गया। देश भर के कई पुलिस स्टेशनों में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज की गई। अकेले पश्चिम बंगाल में कम से कम 4 शिकायतें दर्ज हैं। भाजपा ने Mahua Moitra की गिरफ्तारी की मांग की है और सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने की मांग की है।

Mahua Moitra अपने बयान की सफाई में कहती हैं, ‘जब आप सिक्किम जाते हैं, तो आप देखेंगे कि वे देवी काली को व्हिस्की चढ़ाते हैं। लेकिन अगर आप उत्तर प्रदेश जाते हैं और अगर आप उनसे पूछते हैं कि आप देवी को ‘प्रसाद’ के रूप में व्हिस्की चढ़ाते हैं? तो वे इसे ईशनिंदा कहेंगे। अपनी बातों को आगे जोड़ते हुए, उन्होंने कहा कि भाजपा उत्तर भारत में देवी-देवताओं की पूजा के तरीकों के आधार पर देश के अन्य हिस्सों के लोगों पर अपने विचार नहीं थोप सकती है, जो पिछले 2000 वर्षों से प्रचलित हैं।

Mahua Moitra ने कहा, ‘मुझे लगता है कि मैंने एक परिपक्व राजनेता के रूप में काम किया। लंबे समय तक, हमने भाजपा के हिंदू धर्म के अपने संस्करण को थोपने के मुद्दे से परहेज किया था, जो उत्तर भारत के स्थापित मानदंडों पर आधारित है। पार्टी को इसे अन्य हिस्सों के लोगों पर थोपने से बचना चाहिए।

Mahua Moitra ने कहा, ‘न तो भगवान राम और न ही भगवान हनुमान केवल भाजपा के हैं। क्या पार्टी ने हिंदू धर्म का पट्टा लिया है?’ पश्चिम बंगाल जैसा राज्य जहां हिंदू सदियों से अपने सुस्थापित रीति-रिवाजों का पालन कर रहा हैं। हमें सिखाने वाली भाजपा कौन है कि एक विशेष तरीके से देवी काली की पूजा कैसे की जाती है?’

पिछले साल पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में टीएमसी ने भाजपा को कैसे हराया, यह याद करते हुए Mahua Moitra ने कहा, ‘यह बाहरी लोगों की पार्टी है जिसने अपनी हिंदुत्व की राजनीति को थोपने की कोशिश की, लेकिन मतदाताओं ने इसे नजरअंदाज कर दिया। भाजपा को हमें यह नहीं सिखाना चाहिए कि मां काली की पूजा कैसे करें। काली भक्त होने के नाते मुझे पता है कि काली की पूजा कैसे करनी है। हम पिछले 2000 वर्षों से इसी तरह देवी की पूजा कर रहे थे।’

Mahua Moitra ने आरोप लगाया कि भाजपा अपनी अब निलंबित प्रवक्ता नुपुर शर्मा की विवादास्पद टिप्पणियों पर बैकफुट पर है और Mahua Moitra की काली टिप्पणियों पर ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है, जबकि यह कहते हुए कि भगवा पार्टी सफल नहीं होगी।

अपनी टिप्पणी को लेकर विभिन्न राज्यों में उनके खिलाफ दर्ज मामलों पर Mahua Moitra ने कहा, ‘मैं इन राज्यों की संबंधित भाजपा सरकारों को चुनौती देती हूं, जहां प्राथमिकी दर्ज की गई है, अदालत को एक हलफनामा में देवी काली को दिए गए प्रसाद के बारे में लिखित रूप में देने के लिए। क्या असम के मुख्यमंत्री अदालत को लिखित रूप में बता सकते हैं कि कामाख्या मंदिर के पीठासीन देवता को क्या प्रसाद दिया जाता है? क्या अन्य BJP शासित राज्यों के मुख्यमंत्री वहां के मंदिरों में मां काली को चढ़ाए जाने के बारे में ऐसा कर सकते हैं? क्या इन मंदिरों में प्रसाद के लिए शराब हिस्सा नहीं है?’

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