फेसबुक- ट्विटर भारत में ही रखेंगे आपका डाटा, नोएडा में बनेगा पहला डेटा सेंटर

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Big success of Modi government! Google, Facebook, Twitter will keep your data in India only arms act

नई दिल्‍ली: दुनियाभर की सोशल मीडिया साइट्स के सर्वर भारत से बाहर हैं। केंद्र सरकार इन कंपनियों पर भारतीय यूजर्स का निजी डाटा भारत में ही रखने का दबाव बना रही थी। मोदी सरकार को इस मामले में बड़ी सफलता मिली है। अब विदेश में डेटा रखने की निर्भरता को समाप्त करते हुए, उत्तर प्रदेश को अपना पहला डेटा सेंटर जून 2022 तक नोएडा में मिलेगा। इस कड़ी में उत्‍तर प्रदेश के नोएडा में पहले डाटा सेंटर का निर्माण कार्य शुरू हो गया है।

नोएडा में करीब 600 करोड़ रुपये के निवेश वाले डाटा सेंटर के शिलान्‍यास के साथ ही सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने विदेश में डाटा रखने की निर्भरता खत्‍म करने की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। मुंबई का हीरानंदानी समूह 20 एकड़ भूमि पर इस डाटा सेंटर को तैयार करेगा।

गूगल, अमेजन, फेसबुक, यूट्यूब और सेंट्रल कार्ट जैसी बड़ी कंपनियां अब उत्तर प्रदेश में अपना डेटा रखेंगी।डेटा सेंटर नोएडा में लगभग 6,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ शुरू किया जा रहा है। 250 मेगावाट की क्षमता वाला यह डेटा सेंटर पार्क 2,000 युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करेगा। उत्तर भारत के इस सबसे बड़े डेटा सेंटर के माध्यम से, 20,000 से अधिक लोग अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार और व्यापार के अवसर प्राप्त करने वाले हैं।

उत्तर प्रदेश और अन्य जगहों पर काम करने वाली आईटी कंपनियों को भी अपना व्यवसाय करने में बहुत मदद मिलेगी। यह अत्याधुनिक तकनीक और सुविधाओं से लैस पहला अपनी तरह का डेटा सेंटर पार्क होगा। सरकार के प्रवक्ता के अनुसार, देश में डेटा केंद्रों की कमी के कारण, प्रमुख कंपनियां विदेशों में अपना डेटा स्टोर करती हैं। एक डेटा सेंटर एक नेटवर्क से जुड़े कंप्यूटर सर्वर का एक बड़ा समूह है। इसका उपयोग कंपनियों द्वारा बड़ी मात्रा में डेटा भंडारण, प्रसंस्करण और वितरण के लिए किया जाता है। राज्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि यह उत्तर भारत का सबसे आधुनिक और बड़ा डेटा सेंटर होगा। आने वाले समय में राज्य के अन्य हिस्सों में भी इस तरह के डेटा सेंटर बनाए जाएंगे।

महामारी के दौरान पूरी परियोजना की अवधारणा और कार्यान्वयन किया गया है। मुंबई के हीरानंदानी ग्रुप ने 20 एकड़ के डेटा सेंटर का निर्माण शुरू किया है। मुंबई, चेन्नई और हैदराबाद में डेटा केंद्र स्थापित करने के बाद, हीरानंदानी समूह अब राज्य में पहला और उत्तरी भारत में सबसे बड़ा डेटा केंद्र भी बनाएगा। डेटा सेंटर क्षेत्र में निवेश करने के लिए, रैक बैंक, अदानी समूह और अर्थ कंपनीज ने राज्य सरकार को 10,000 करोड़ रुपये के भारी निवेश का प्रस्ताव दिया है।