बिन मौसम हुई Baarish डालेगी आपकी जेब पर असर, जानें वजह 

0
239

गर्मी से सभी को राहत दिलाने वाली Baarish अब लोगों के लिए मुसीबत बनने जा रही है। कुछ दिनों पहले हुई Baarish ने मौसम तो ठंडा कर दिया साथ ही अब लोगों की जेब भी ठंडी होने वाली है। साल 2022 के अनियमित मानसून ने खेती को खासा प्रभावित किया है। आम आदमी की जेब पर भी इसका असर पड़ने की संभावनाएं हैं। जानकारों का कहना है कि कई राज्यों में भारी Baarish के चलते कटाई में रही देरी से खाद्य सामग्री की कीमतों में इजाफा हो सकता है।

उत्तर प्रदेश राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश और पंजाब में किसान लगातार हो रही बारिश के कारण फसलों को बचाने में चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। जिसके चलते बड़े स्तर पर अनाज का नुकसान भी हो रहा है। भारी Baarish ने धान, बाजरा, सोयाबीन, दालें, कपास जैसी गर्मियों में बोई गई फसलों को प्रभावित किया है।

11 अक्टूबर को भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की तरफ से जारी एडवाइजरी के अनुसार, किसानों को फसलों को बचाने के लिए खेतों में पानी निकालने के लिए निकासी की अच्छी व्यवस्था रखनी चाहिए। IMD का डेटा बताता है कि चावल के देश के दूसरे सबसे बड़े उत्पादक उत्तर प्रदेश में अक्टूबर में 500 प्रतिशत ज़्यादा Baarish हुई है।

उत्तर प्रदेश राजस्व विभाग के अधिकारी कहते हैं कि लगातार हो रही Baarish ने राज्य के कम से कम 30 जिलों में फसलों को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने बताया का बाजरा को हुए नुकसान के बीच आलू की बुवाई में देरी हुई है। खास बात है कि देशभर ने मानसून के अनियमित गतिविधियों का सामना किया है। इस दौरान बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे धान उगाने वाले राज्यों में बारिश कम हुई। वहीं, देर से हुई Baarish के चलते खेत भर गए। आईग्रेन प्राइवेट लिमिटेड के राहुल चौहान बताते हैं, ‘Baarish के चलते खाने की चीजें और खासतौर से सब्जियों की कीमतें बढ़ सकती हैं। भारी बारिश ने खाद्य सामग्री ले जाने वाले ट्रकों की गतिविधियों को भी प्रभावित किया है।’ साथ ही Baarish ने फसलों पर कीट का जोखिम भी बढ़ा दिया है।

यह भी पढ़ें – CM Yogi को बाबा विश्वनाथ का आसरा, बना डाला रिकॉर्ड

ABSTARNEWS के ऐप को डाउनलोड कर सकते हैं. हमें फ़ेसबुकट्विटरइंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो कर सकते है