दिवाली पर 39 लाख यात्री कर सकते हैं सफर, बसों में बढ़ रही भीड़

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39 lakh passengers can travel on Diwali

नई दिल्ली: दिवाली की तैयारियां लोग जोर शोर से कर रहे हैं। दूरदराज शहरों में रहने वाले अपने घरों का रुख कर रहे हैं। यात्रियों को बसों में भूसे की तरह ठूस-ठूसकर बैठाया जा रहा है। तमाम मुसाफिर खड़े होकर यात्रा करने को विवश हैं। देश के सबसे बड़े ऑनलाइन बस टिकटिंग प्लटेफॉर्म रेडबस पर अब तक इंटरसिटी बसों के लिए हुई टिकट बुकिंग के आंकड़े इस ओर इशारा करते हैं। 14 नवंबर को दीपोत्सव के त्यौहार से 15 दिन पहले ही रेड बस पर टिकट के लिए बुकिंग की प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी।

त्यौहार के इस खास मौके पर यात्रियों की बढ़ती वाहन जरूरत को ध्यान में रखते हुए राज्य सड़क परिवहन निगम की 17 बसें और 1,900 से अधिक प्राइवेट बसें रोजाना 40,000 दैनिक सेवाएं देंगी, जिनके माध्यम से 39 लाख यात्रियों के सफर करने की उम्मीद जताई जा रही है। रेडबस से प्राप्त अब तक के आंकड़ों से पता चला है कि दिवाली के लिए चेन्नई और मदुरै के बीच बस से सफर करने वालों की संख्या सबसे ज्यादा है। यह इस ओर भी इशारा करता है कि पूरे भारत में चेन्नई से सफर करने वालों की संख्या भी सबसे अधिक है।

कोरोना के वजह से देश में रेल सेवाओं के संचालन को अभी तक सीमित रखा गया है, ऐसे में घर वापसी के लिए बसों की ओर रुख करने वाले यात्रियों की संख्या भी सबसे ज्यादा है। कुछ रेल मार्ग ऐसे हैं, जहां सफर की जरूरतों को बसें पूरा कर रही हैं, वे हैं – पटना से कोलकाता, बलिया से लखनऊ, पलासा से विशाखापट्टनम, बरहमपुर से कोलकाता और भुवनेश्वर से कोलकाता।

फिलहाल, 60 प्रतिशत बुकिंग राज्य के भीतर सफर करने के लिए हुई है और शेष 40 फीसदी अंतर्राज्यीय सफर के लिए हुई है। मौजूदा बुकिंग में से 58 फीसदी वातानुकूलित बसों के सफर के लिए की गई है। शीर्ष पांच राज्य जहां रेडबस को सबसे अधिक सफर के लिए मांग देखने को मिल रही है, उनमें तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक और गुजरात शामिल हैं।