Makar Sankranti के दिन खुल जाते हैं देव लोक के दरवाज़े

कड़ाके की ठंड के बीच आज देश में मकर संक्रांति मनाई जा रही है। मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन पवित्र नदी या तालाब में स्नान और दान करने से कई गुना पुण्य प्राप्त होता है। हर साल 14 जनवरी को Makar Sankranti मनाई जाती है।

इस दिन सूर्य देव सुबह 8:30 minute पर धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य देव के मकर राशि में प्रवेश करते ही Makar Sankranti की शुरुआत हो जाएगी। शाम करीब 5:46 minute तक पुण्यकाल रहेगा।

Makar Sankranti को देवायन भी कहा जाता है। इस दिन से देवताओं के दिन शुरू हो जाते हैं। माना जाता है कि Makar Sankranti के दिन देव लोक के दरवाजे खुल जाते हैं। Hindu calendar के मुताबिक, खरमास खत्म होने की वजह से Makar Sankranti से शुभ कार्य शुरू हो जाते हैं। लेकिन इस बार January में एक भी विवाह की तारीख नहीं है।

जानें, मकर संक्रांति पर कैसा रहेगा इन राशि के जातकों का दिन

देशभर में Makar Sankranti को अलग-अलग नामों से जाना जाता है। North India में इसे Makar Sankranti कहा जाता है। असम में इस दिन को बिहू और South india में इस दिन को Pongal के नाम से जानते हैं। Makar Sankranti के दिन पंतगबाजी का आयोजन होता है। इस दिन बच्चे- बड़े सभी पंतग उड़ाकर Makar Sankranti Celebrate करते हैं।

Makar Sankranti के दिन भगवान सूर्य उत्तरायण होते हैं। इसी के साथ देवताओं के दिन शुरू होने से मांगलिक कार्य आरंभ हो जाते हैं। बता दें कि सूर्य देव को Makar Sankranti के दिन अर्घ्य के दौरान  पानी, कपड़े, लाल पुष्प, फूल, गेंहू, अक्षत, सुपारी आदि अर्पित की जाती है। पूजा के बाद लोग गरीबों या जरुरतमंद को दान देते हैं। इस दिन खिचड़ी का विशेष महत्व होता है।

AB STAR NEWS  के  ऐप को डाउनलोड  कर सकते हैं. हमें फ़ेसबुकट्विटरइंस्टाग्राम  और यूट्यूब पर फ़ॉलो कर सकते हैं