Chaitra Navratri व्रत चैत्र मास में रखे जाते हैं। Hindu Calendar के मुताबिक कहा जाता है कि इस महीने से नया साल शुरू होता है, इसलिए कोई भी नया शुभ कार्य करने के लिए ये Navratri के व्रत बहुत ही महत्वपूर्ण हैं।

पहले Navratri यानी प्रतिपदा के दिन कलश स्थापना की जाती है। Navratri में जौ भी बोए जाते हैं। इसे माता की खेती कहते हैं, ऐसा कहा जाता है कि जौ जितने ऊंचे होते हैं उतने ही खुशहाली के संकेत देते हैं। Navratri में कलश स्थापना बहुत महत्वपूर्ण है।

2019 का दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड Rajnikant को

घटस्थापना का शुभ मुहूर्त

  • दिन मंगलवार
  • तिथि 13 अप्रैल 2021
  • शुभ मुहूर्त सुबह 05 बजकर 28 मिनट से सुबह 10 बजकर 14 मिनट तक।
  • अवधि 04 घंटे 15 मिनट
  • घटस्थापना का दूसरा शुभ मुहूर्त सुबह 11 बजकर 56 मिनट से दोपहर 12 बजकर 47 मिनट तक।

Chaitra Navratri की प्रतिपदा तिथि Kalash स्थापना से पहले सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहन लें। इसके बाद पाद्य, लाल वस्त्र, अक्षत, पुष्प, धूप, दीपक, नैवेद्य, पुष्प और सोलह श्रृंगार की वस्तुएं लेकर मां का श्रृंगार करें। इसके बाद सबसे पहले Ganpati Pujan के बाद Kalash स्थापना करें। इसके लिए सबसे पहले एक Lal कपड़े में सुपारी, चावल और पैसे बांधकर इसे नारियल में बांधे और फिर लोटे में कलावा बांधकर नीचे गेहूं रखकर उस पर Kalash स्थापित करें। नारियल के नीचे पान के पत्ते भी रखें। इस प्रकार विधि से Kalash की रोज पूजा करनी चाहिए और 9 दिनों बाद इसे उठाया जाता है।

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