किसान आंदोलन को 1 साल पूरा होते ही Delhi के बॉर्डरों पर फिर बढ़ी हलचल

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देश का किसान आज एक बार फिर अपने हक़ की आवाज़ उठाने के लिए उठ खड़ा हुआ है। केंद्र के नए कृषि कानूनों के विरोध और कई मांगों को लेकर Delhi की सीमाओं पर जारी किसान आंदोलन को आज एक साल पूरा हो गया है। इस अवसर पर यूपी, हरियाणा और पंजाब के किसानों का सिंघु और टीकरी बॉर्डर, गाजीपुर बॉर्डर पर एक बार फिर से जमावड़ा बढ़ गया है। हालांकि, केंद्र ने हाल ही में तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा की है। इसके बावजूद किसान अभी वापस लौटने को तैयार नहीं हैं।

किसान आंदोलन को एक साल पूरा होने पर यूपी गेट बॉर्डर पर आज किसानों की संख्या में इजाफा हुआ है। किसान दोपहर में महापंचायत करेंगे। किसान बीते साल 26 नवंबर को Delhi की सीमाओं पर एकत्र हुए थे। आंदोलन को एक साल पूरा होने पर महापंचायत का आयोजन किया गया है। भाकियू नेता राकेश टिकैत दोपहर में महापंचायत को संबोधित करेंगे। आज पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से किसान यहां पहुंचे हैं।

किसान आंदोलन के एक साल पूरा होने पर किसान नेता Rakesh Tikait ने कहा आज सभी बॉर्डरों पर लोग आएंगे और बातचीत करेंगे। अभी तो आंदोलन चल रहा है। केंद्र सरकार अगर बातचीत करेगी तो आगे का समाधान निकलेगा, वे बात ही नहीं करना चाहते हैं। बिना बात के कैसे समाधान निकलेगा।

Delhi के विभिन्न सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। बता दें कि किसान आंदोलन को एक साल पूरे होने पर अमृतसर, जालंधर, फिरोजपुर, पटियाला, लुधियाना, संगरूर, अंबाला, हिसार, सिरसा, रोहतक, कुरुक्षेत्र, भिवानी समेत दोनों राज्यों के हजारों किसान Delhi की सीमाओं पर पहुंच रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और जिन जगहों पर प्रदर्शनकारी किसान धरने पर बैठे हैं, वहां Delhi Police के जवानों के साथ अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती रहेगी।

Delhi Police के PRO चिन्मय बिस्वाल ने कहा कि किसानों द्वारा 26 नवंबर को दिल्ली कूच का आह्वान दिया गया है, उस पर पुलिस की पूरी नजर है। स्थिति को संभालने के लिए पूरे इंतजाम किए गए हैं, जिससे कोई भी कानून को अपने हाथ में ना ले। हम सबसे अपील करते हैं कि कानून-व्यवस्था को बनाएं रखें और पुलिस का सहयोग करें।

तीन कृषि कानूनों के विरोध की पहली वर्षगांठ मनाने के लिए सिंघु बॉर्डर पर बड़ी संख्या में किसान एकत्र हुए। किसानों के एक समूह ने केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ सालभर के विरोध के दौरान जान गंवाने वालों को मोमबत्तियां जलाकर श्रद्धांजलि दी।

Delhi के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा, ”आज किसान आंदोलन को पूरा एक साल हो गया है। इस ऐतिहासिक आंदोलन ने गर्मी-सर्दी, बरसात-तूफान के साथ अनेक साजिशों का भी सामना किया। देश के किसान ने हम सबको सिखा दिया कि धैर्य के साथ हक की लड़ाई कैसे लड़ी जाती है। किसान भाइयों के हौसले, साहस, जज्बे और बलिदान को मैं सलाम करता हूं।”

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