अयोध्या के बाद काशी और मथुरा को ‘मुक्त’ कराने की मुहिम तेज, नरेंद्र गिरी ने कहा कि…

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Kashi and Mathura intensified, Narendra Giri

प्रयागराज: सोमवार को हुए बैठक में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने काशी और मथुरा में मंदिरों को कथित तौर पर तोड़ कर बनाई गई मस्जिद और मकबरे से मुक्त कराने का निर्णय किया। आपको बता दें कि राम मंदिर आंदोलन के समय में ही संतो ने यह निर्णय किया था कि राम मंदिर आंदोलन के बाद हम काशी विश्वनाथ को ज्ञानवापी मस्जिद से मुक्त करेंगे। वहीं मथुरा में बना मकबरा भी हटायेंगे।

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि बैठक में सभी के समर्थन से यह प्रस्ताव पारित किया गया है, कि काशी विश्वनाथ में जो ज्ञानवापी मस्जिद है। वह हिंदुओं के मंदिर को तोड़कर बनाई गई है। इसी तरह से मथुरा में जो मकबरा है वह मंदिरों को तोड़कर बनाई गई है। इन दोनों को मुक्त कराने का निर्णय हमने लिया है।

हम विश्व हिंदू परिषद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और अन्य हिंदू संगठनों के साथ मिलकर इसकी लड़ाई लड़ेंगे और हमें विश्वास है कि ये दोनों स्थान मुक्त होंगे। इसके लिए हमारा पहला प्रयास होगा कि मुसलमान भाइयों के साथ इस पर आम सहमति बने।
गिरि ने कहा, हम सभी मुसलमानों भाइयों से निवेदन करते हैं कि वे आगे आकर पहल करें और कहें कि हमारे पूर्वजों (मुस्लिमों के) ने जो गलती की है, हम उसे सुधार रहे हैं और जहां मंदिरों को तोड़कर मस्जिद और मकबरे बनाए गए हैं, वह पुन: आपको सौंप रहे हैं।

यह पूछे जाने पर कि यदि मुस्लिम आगे नहीं आए तो, इस पर उन्होंने कहा, अगर सहमति नहीं बनती है तो हम न्यायालय की शरण में जाएंगे। जिस तरह से राम जन्मभूमि के लिए न्यायालय गए थे, उसी तरह इन स्थानों के लिए न्यायालय जाएंगे।