इसके लिए मैं डॉ. कोप्पिकर और लालेह बुशरी का धन्यावाद करता हूं, जो लगातार कैंसर से लड़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।’

बॉलीवुड के मशहुर एक्टकर नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी आजकल बड़े ही परेशान है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि उनकी छोटी बहन जो कि सिर्फ 26 साल की ही थी हाल ही में उसका देहांत हो गया है। नवाज़ुद्दीन की बहन सायमा तमशी सिद्दीकी करीब 8 साल से कैंसर से लड़ रही थी। यह एक लंबा समय है और अच्छी बात यह है कि उन्होंने इतने सालों तक अपना हौसला बनाए रखा और बुलंद तरीके से अपने स्तन कैंसर के साथ भी 8 साल गुजारे।

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नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी

उन्हें अपने स्तन कैंसर की बात तब पता चली था जब वे 18 साल की थी। सूत्रों के मुताबिक, पूना के एक अस्पताल में उनकी मौत हुई है। सायमा की 26 साल की आयु में ही मृत्यु हो गई है। वे ज्यादा बड़ी नहीं थी और इस आयु में उनका देहांत होना एक दुख की बात है। उनके देहांत की खबर की पुष्टि नवाज़ुद्दीन के छोटे भाई अयाजुद्दीन सिद्दीकी ने की है। साथ ही बताया कि सायमा जब अंतिम सांसे ले रही थी उस वक्त नवाजुद्दीन सिद्दीकी अमेरिका में थे। सायमा के शव को दफनाने के लिए नवाजुद्दीन के पैतृक गांव बुढाना में ले जाया गया था, जहां उनका पूरा परिवार भी मैजूद था। उनके शव को रविवार के दिन दफनाया गया था।

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सोशल मीडिया पर पोस्ट कर नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने पिछले साल बताया था कि, ‘सायमा के 18 साल की उम्र में स्तन कैंसर का पता चला था। यह उसकी सहन शक्ति और साहस था कि उसने अब तक की सभी मुश्किलों को पार किया और डटकर अपने कैंसर से लड़ती रही। और आज वो 25 साल की हो गई और अब भी लड़ रही हैं। इसके लिए मैं डॉ. कोप्पिकर और लालेह बुशरी का धन्यावाद करता हूं, जो लगातार कैंसर से लड़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।’

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