सुन्नी वक्फ बोर्ड के इस रवैये को लेकर राजीव धवन ने एजाज मकबूल को एक खत भी लिखा है।

अयोध्या मामले को लेकर सुन्नी वक्फ बोर्ड समेत मुस्लिम पक्ष की तरफ से केस लड़ रहे वकील राजीव धवन को केस से बर्खास्त कर दिया गया है। और इस बात की सूचना खुद राजीव ने फेसबुक पर पोस्ट कर दी है। उन्होंने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि ‘बाबरी केस ऑन रिकॉर्ड वकील जज मकबूल ने मुझे बर्खास्त कर दिया है, ये जमीयत का मुकदमा संभाल रहे हैं।

साथ ही उन्होंने कहा कि जमीयत को ये अधिकार जरूर हासिल है कि वो मुझे केस से बर्खास्त कर सकते हैं। लेकिन मुझे बिना आपत्ति के हटाया गया है। अब मेरी कोर्ट में दाखिल की गई पुनर्विचार याचिका में कोई भागीदारी नहीं है। धवन ने आगे लिखा की सबको ये कहा जा रहा है मेरी खराब तबीयत के चलते मुझे केस से बर्खास्त किया गया है, ये सच नहीं है। ये सरासर झूठ है। सुन्नी वक्फ बोर्ड के इस रवैये को लेकर राजीव धवन ने एजाज मकबूल को एक खत भी लिखा है।

सुन्नी वक्फ बोर्ड ने राजीव धवन को हटाया

आपको बता दें कि सोमवार को अयोध्या मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में मुस्लिम पक्ष द्वारा पहली रिव्यू पिटीशन दाखिल की जा चुकी है । रिव्यू पिटीशन दाखिल करने के पीछे का कारण देते हुए कहा गया है कि 9 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट द्वारा लिये गये फैसले में काफी कमिया हैं। इसलिए इस फैसले को लेकर पुनर्विचार करने की बहुत जरुरत है। मिली जानकारी के मुताबिक यह पिटीशन मौलाना सैय्यद अशद राशिदी द्वारा दाखिल की गई है। राशिदी एम सिद्दीक के विधिक उत्तराधिकारी है।

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