NASA ने अपने LRO कैमरा द्वारा विक्रम लैंडर के मलबे की खिंची गई तस्वीरें भी अपने ट्वीटर हैंडल से शेयर की है।

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (NASA) ने 7 सितंबर को लापता हुए भारत के चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर की गुत्थी को सुलझा लिया है। NASA ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि ‘‘चंद्रयान-2 का विक्रम लैंडर हमारे नासा मून मिशन ने ढूंढ लिया है।’’ और साथ ही NASA ने अपने LRO कैमरा द्वारा विक्रम लैंडर के मलबे की खिंची गई तस्वीरें भी अपने ट्वीटर हैंडल से शेयर की है। ये तस्वीरें NASA ने सोमवार रात लगभग 1:30 बजे जारी की और बताया कि उसके ऑर्बिटर को विक्रम लैंडर के तीन टुकड़े मिले हैं। मलबे के तीन सबसे बड़े टुकड़े 2×2 पिक्सल के हैं।

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NASA ने सुलझाई लापता विक्रम लैंडर की गुत्थी

सूत्रों के मुताबिक विक्रम लैंडर का मलबा उसकी लैंडिग साइट से 750 मीटर की दूरी पर मिला है। यह तस्वीरें 1 किलोमीटर की दूरी से ली गई है। नासा द्वारा जारी की गई तस्वीरों में विक्रम के लैंड होत समय क्रैश हो जाने से चंद्रमा की मिट्टी पर पड़े प्रभाव को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। साथ ही नासा ने पड़े प्रभाव को दिखाने के लिए विक्रम के लैंडिग से पहले चंद्रमा की सतह की तस्वींरें भी शेयर की है। जिस से यह मालुम पड़ता है कि विक्रम काफी बुरी तरह लैंड हुआ था।

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NASA ने सुलझाई लापता विक्रम लैंडर की गुत्थी

बता दें कि भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ISRO ने नासा से विक्रम लैंडर से पड़े चंद्रमा के प्रभावित सतह की विस्तृत रुप से जानकारी मांगी है। जिसके तहत , नासा इसरो को पुरी रिपोर्ट भेजेगा जिसमें विक्रम लैंडर से संबंधित सारी सूचना मिल पाएगी। वहीं बात करे 7 सितंबर की तो उस दिन ISRO  द्वारा चंद्रमा की सतह पर चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर की ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ कराने के प्रयास किए गये थे।  जिसके बाद लगभग 1:38 बजे 2.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर जमीनी स्टेशन से इसका संपर्क टूट गया था।

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