सिविल सर्जन ने बताया कि असुरक्षित यौन संबंध बनाने से एड्स जैसी खतरनाक बीमारी की चपेट में लोग आ रहे हैं

बिहार: जिले में पिछले छह महीने में एड्स के 20 मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग की चिताएं बढ़ गई है। हालांकि उन मरीजों को पटना के गुजारबाग स्थित अस्पताल से मुफ्त दवाई उपलब्ध कराई जा रही है परंतु मरीजों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग सावधान हो गया है। बता दें कि शेखपुरा जिले से बड़ी संख्या में मजदूर पलायन कर कई राज्यों में मजदूरी करने के लिए जाते हैं और उधर से यौन संक्रमण की वजह से एड्स जैसी खतरनाक बीमारी को अपने साथ लेकर आते हैं।

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जानकारी देते हुए सिविल सर्जन ने बताया कि असुरक्षित यौन संबंध बनाने से एड्स जैसी खतरनाक बीमारी की चपेट में लोग आ रहे हैं और यहां आ कर अपने पत्नी और अन्य को एड्स जैसी खतरनाक बीमारी की चपेट में ला रहे हैं। इसके लिए जन जागरूकता बहुत ही जरूरी है और जागरूक होकर ही लोग से बच सकते हैं। इसका कारण यह भी है कि एड्स जैसे खतरनाक बीमारी का अभी तक कोई इलाज नहीं है। इस लाइलाज बीमारी के लिए बिहार सरकार के द्वारा विशेष अस्पताल से जीवन पर्यंत दवाई की व्यवस्था की गई है। साथ ही उन्होंने बताया कि शेखपुरा जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर एड्स जांच करने की व्यवस्था दी गई है और वहां पर एड्स के जांच में पॉजिटिव पाए जाने पर सदर अस्पताल में इसकी विशेष जांच होती है और फिर एड्स के मरीज को विशेष इलाज के लिए पटना अस्पताल भेजा जाता है जहां से उनको जीवन पर्यंत मुफ्त में दवा उपलब्ध करा दी जाती है।

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एड्स से पीड़ित 15 महिलाओं ने जन्में स्वस्थ बच्चे

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एड्स से लड़ते हुए अंबाला में 15 महिलाएं ने स्वस्थ बच्चों को जन्म दिया। डेढ़ साल में डीबीएस टेस्ट की रिपोर्ट के बाद यह खुलासा हुआ है। इस टेस्ट से साफ हो जाता है कि यह बच्चे एकदम स्वस्थ हैं। इनमें 7 मेल और 8 फीमेल बच्चे शामिल हैं। इनमें एक महिला ऐसी है जिसने गर्भधारण के समय खुद का टेस्ट तो करवाया लेकिन इलाज की प्रक्रिया पूरी नहीं की। घर पर ही डिलिवरी करवाई। इसलिए बच्चा मृत पैदा हुआ।

बच्चों को दिया जाता है विशेष ख्याल

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गर्भवती महिलाओं में एड्स की पुष्टि होने के बाद जहां महिलाओं को विशेष ट्रीटमेंट दिया जाता है, वहीं बच्चे का भी विशेष ख्याल रखा जाता है। डॉक्टर ने बताया कि इसमें गर्भवती महिलाओं को डरने की जरूरत नहीं होती, क्योंकि अधिकतर केस में बच्चे इस बीमारी से बच जाते हैं। साथ ही उनका टेस्ट कर इस बीमारी की जांच की जाती है।

4500 रुपये वाला टेस्ट होगा फ्री

Image result for blood testअंबाला में सेक्टर 10 स्थित पोली क्लीनिक में एड्स बीमारी के लिए विशेष डॉक्टर एवं काउंसलर मौजूद है। जहां अंबाला, यमुनानगर और कुरुक्षेत्र के मरीज अपना इलाज करवाने के लिए आते हैं। साथ ही मरीज इस बीमारी से परेशान न हो इसके लिए काउंसलर भी हायर किए हुए हैं। जो मरीजों को इस बीमारी के बारे में फैलाई गई भ्रामक अफवाहों से दूर करने का काम करते हैं। डॉक्टर ने बताया कि 12 दिसंबर से वायरल लोड टेस्ट भी किया जाएगा, जो बाहर 4500 में किया जाता है।

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Image result for aidsएड्स कोई अछूत बीमारी नहीं है, जो किसी के छूने से फैल जाए, इसलिए किसी को भी एड्स के मरीजों से भेदभाव वाला बरताव नहीं करना चाहिए, क्योंकि एड्स को अब शुगर व थाइराइड जैसी बीमारियों में गिना जाने लगा है। जिससे किसी दूसरे पर असर नहीं पड़ता। दवाई लेने से इस बीमारी को नियंत्रण में रखा जा सकता है।

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