चित्तौड़गढ़ का किला UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल है। यह किला एक पहाड़ी पर बना हुआ है।

चित्तौड़गढ़ का किला UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल है। यह किला भारत के राजस्थान राज्य के चित्तौड़गढ़ में है। चित्तौड़गढ़ का ये किला बेहद ही विशाल और बड़ा है। जिसकी ऊंचाई 180 मीटर है। यह किला एक पहाड़ी पर बना हुआ है। चित्तौड़गढ़ के किले को चित्तौड़ का किला भी कहा जाता है। 280 हेक्टेयर में फैले इस किले से बेहद ही रोमांचक इतिहास जुड़ा हुआ है। यह किला भारत का सबसे बड़ा किला माना जाता है।

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यह किला एक भव्यता का प्रतीक माना जाता है और इस किले को 7वीं सदी में बनाया गया था। इतिहास के अनुसार इस किले को शासक चित्रांगदा मौर्य द्वारा बनाया गया था। कहा जाता है कि बप्पा रावल ने 724 ईस्वी में इस किले की स्थापना की थी और इस किले पर 834 वर्षों तक मेवार द्वारा शासन किया था।

किले के अंदर हैं एक बेहद ही सुंदर महल है।

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चित्तौड़ के इस किले के अदंर कई सारे महल स्थित हैं।  जिनमें से एक महल को पद्मिनी महल कहा जाता है। पद्मिनी महल सफेद रंग का है और इस महल के अंदर काफी सारे शीशे लगे हुए हैं। इस महल के अलावा इस किले के अंदर फ़तेह प्रकाश महल भी है।

चित्तौड़गढ़ किले के पास में ही एक बेराच नदी भी है जो कि लोगों को किले की तरफ आकर्षित करता है। आपको बता दें, चित्तौड़ के किले के अंदर एक वक्त में 84 जल निकाय हुआ करती थी और ये सारी जल की निकाय पानी से भरी रहती थी। दरअसल, ऐसा माना जा सकता है कि यह जल निकाय इस राज्य के लोगों के लिए जल प्राप्त करने का साधन हुआ करता था।

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