सुप्रीम कोर्ट ने फैसला राम लल्ला के हक में सुनाया और मुसलमानों को 5 एकड़ जमीन अयोध्या में कहीं भी देने की बात कही

सदियों से चले आ रहे अयोध्या मामले पर आखिरकार सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सभी लोगों ने तहे दिल से स्वागत किया और उसे माना भी। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला राम लल्ला के हक में सुनाया और मुसलमानों को 5 एकड़ जमीन अयोध्या में कहीं भी देने की बात कही और इस तरह 9 नवंबर 2019 का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। सब कुछ ठीक चल रहा था लेकिन अचानक अयोध्या विवाद फिर से उलझता हुआ दिख रहा है।

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दरअसल मुख्य याचिकाकर्ता इकबाल अंसारी ने कुछ मुस्लिम स्थानीय नेताओं के साथ मिलकर मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तहत मस्जिद के निर्माण के लिए आवंटित की जाने वाली 5 एकड़ जमीन अयोध्या में रामलला परिसर यानी अधिग्रहित 67 एकड़ जमीन में से ही दी जानी चाहिए। इस बयान के साथ राजनीति फिर से गरमा गई है और कई बड़े नेता इस पर अपने बयान दे रहे हैं। उम्मीद की जा रही थी कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब राजनीति खत्म हो जाएगी लेकिन यह मामला फिर से गलत दिशा में जाता हुआ दिखाई पड़ रहा है।

Image result for इकबाल अंसारीबता दें कि इकबाल अंसारी ने अपने एक बयान में कहा है कि अगर हमें जमीन देना चाहते हैं तो हमें हमारी सुविधा के मुताबिक जमीन दी जानी चाहिए। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वह 67 एकड़ अधिग्रहीत जमीन में से 5 एकड़ जमीन का हिस्सा लेना चाहते हैं और अगर सरकार हमारी यह बात नहीं मानते हैं तो हम 5 एकड़ जमीन का प्रस्ताव भी ठुकरा देंगे। उन्होंने अपने बयान में आगे कहा कि अगर अयोध्या में कोई विवाद नहीं है तो मुस्लिम मंदिर बनाने में सहयोग करें और हिंदू मस्जिद बनाने में अपना सहयोग करें।

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