मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा वर्ष 2008 को यह फैसला लिया गया कि 11 नवंबर को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रुप में मनाया जाना चाहिए।

देशभर में 11 नवंबर को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस (National Education Day) के तौर पर मनाया जाता है। आज मौलाना अबुल कलाम आजाद का 131वां जन्मदिन है। स्वतंत्रता सेनानी मौलाना अबुल कलाम आजाद का जन्म सन 1888 में हुआ था। वे हमारे देश के पहले शिक्षा मंत्री थे।  उन्हें स्वतंत्रता सेनानी, शिक्षाविद्, लेखक के रुप में जाना जाता है। उन्हीं के जन्मदिन पर हर साल 11 नवंबर को भारत में राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रूप में मनाया जाता है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा वर्ष 2008 को यह फैसला लिया गया कि 11 नवंबर को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रुप में मनाया जाना चाहिए। जिसके बाद से हर साल 11 नवंबर को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रुप में मनाया जाता है।

दोस्त से लगी 50 अंडे खाने की शर्त पड़ी भारी, कुछ ऐसे चुकाई कीमत…

Image result for abul kalam azad

बता दें कि मौलाना अबुल कलाम आजाद सिर्फ शिक्षा शास्त्री ही नहीं थे बल्कि एक स्वतंत्रता सेनानी भी थे। आजादी की लड़ाई के समय जिस मुद्दे पर मौलाना का मत दोस्तों से भिन्न रहा, वह यह था कि वे बिना विभाजन के आजादी चाहते थे। विचार हो या व्यवहार, नीति हो या सिद्धांत मौलाना के अंदर बदलाव नहीं देखा गया।

140 सांप पालने वाली महिला की सांप के कारण ही हुई मौत, आखिर कैसे..

Image result for abul kalam azad

स्वतंत्रता संग्राम के समय वो भी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में से एक थे। भारत की आजादी के बाद  मौलाना अबुल कलाम ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग UGC की स्थापना की थी। स्वतंत्रता पश्चात शिक्षा मंत्री के रूप में दूरदर्शी प्रगतिशील शिक्षा नीति द्वारा उन्होंने भारत के भविष्य निर्माता का काम किया। उनका मुख्य लक्ष्य प्राइमरी शिक्षा को बढ़ाना था। 1992 में उन्हें भारत रत्न से भी नवाजा गया था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here