सुप्रीम कोर्ट के रामलला के हक में फैसले के बाद चंद्रकांत भाई अब मंदिर निर्माण को लेकर काफी उत्साहित हैं।

अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना ऐतिहासिक फैसला सुना दिया है। इस फैसले से एक शख्स बेहद प्रसन्न दिखाई दिए। ये हैं गुजरात के अहमदाबाद से चंद्रकांत भाई सोमपुरा। जो पहले से ही राम मंदिर का मॉडल व डिजाइन तैयार कर चुके हैं। उनके ही बनाए गए मॉडल को दर्शन के लिए अयोध्या के कारसेवकपुरम में रखा गया है। यह जगह विश्व हिंदू परिषद का मुख्यालय है। सुप्रीम कोर्ट के रामलला के हक में फैसले के बाद चंद्रकांत भाई अब मंदिर निर्माण को लेकर काफी उत्साहित हैं। Image result for फैसले के बाद चंद्रकांत भाई

आपको बता दें, विश्व हिंदू परिषद ने 30 साल पहले ही आर्किटेक्ट चंद्रकांत भाई को राम मंदिर बनाने के लिए संपर्क किया था। चंद्रकांत के दादा ने गुजरात के सोमनाथ मंदिर के आर्किटेक्ट थे।  चंद्रकांत का परिवार पीढ़ियों से मंदिर निर्माण से जुड़ा हुआ है। बताया जा रहा है कि अयोध्या में राम मंदिर को बनाने के लिए लगभग 100 करोड़ का खर्च आयेगा और अगर 2000 कारीगर रोजाना को 10-10 घंटे काम करेंगे तो ढाई साल में मंदिर निर्माण हो सकता है।

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राम मंदिर का डिजाइन 6 बार तैयार किया गया था

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चंद्रकांत ने बताया कि हमारा काम देखने के बाद ही 30 साल पहले विश्व हिंदू परिषद ने हमसे संपर्क किया था। उसी वक्त मंदिर के मॉडल और पत्थर तराशने का काम शुरू कर दिया गया था। मंदिर का डिजाइन तैयार करने में 6 महीने लगाए। हमने 6 बार अलग-अलग डिजाइन तैयार किए। इसके बाद सिंघल और उनकी टीम को नागर शैली से बना डिजाइन पसंद आया।

लोहा नहीं किया जाएगा इस्तेमाल

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चंद्रकांत ने बताया – 50%  काम पूरा हो चुका है। अगर मंदिर का निर्माण किया जाए तो इसमें ढाई से तीन साल का समय लग सकता है। राम मंदिर में लोहे का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। मंदिर की चौड़ाई 150 फीट, लंबाई 270  फीट और गुंबद तक की ऊंचाई 270 फीट होगी। उन्होंने कहा कि हमने लंदन (ब्रिटेन) में स्वामी नारायण मंदिर को केवल 2 साल के भीतर बना दिया था।

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