राज्य की सुरक्षा बनाए रखने के लिए सरकार ने 4 अगस्त की मध्य रात्रि को सभी मोबाइल, लैंडलाइन और इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया था

दूसरी बार सरकार में आते ही नरेंद्र मोदी सरकार ने कई ऐतिहासिक फैसले लिए थे, इसमें तीन तलाक बिल पास कराना, कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटा देना, असम में आखिरी एनआरसी लिस्ट जारी करना और नया मोटर व्हीकल एक्ट जारी करना शामिल है। लेकिन सबसे ज्यादा कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाना सुर्खियों में रहा। अलगाववादी नेताओं और कुछ विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने इसका जमकर विरोध किया। पाकिस्तान भी कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने पर भड़क गया। उसने हिंदुस्तान को तरह-तरह की धमकी देनी शुरू कर दी। जब हिंदुस्तान उसकी किसी भी धमकी से नहीं डरा तो पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे को लेकर कई बड़े देशों के पास गया, लेकिन उसे कहीं से भी राहत नहीं मिली।

कश्मीर के अनुच्छेद 370 हटाने के बाद सुरक्षा को देखते हुए कश्मीर में फोन सुविधाएं और इंटरनेट सुविधा बंद कर दी गई। कई सारे अलगाववादी नेताओं को नजरबंद कर लिया गया। अब धीरे-धीरे कश्मीर में स्थिति सुधार देखते हुए सरकार ने कई अलगाववादी नेताओं को रिहा कर दिया है। अब जानकारी यह है आ रही है कि आज से वादी में मोबाइल सेवा को भी बहाल किया जा सकता है। इसकी शुरुआत पोस्टपेड सेवा की बहाली से होगी। प्रीपेड मोबाइल सेवा और इंटरनेट फिलहाल बंद ही रहेगा।

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Image result for कश्मीर में मोबाइल सेवाएंजानकारी के लिए बता दें कि राज्य की सुरक्षा बनाए रखने के लिए सरकार ने 4 अगस्त की मध्य रात्रि को सभी मोबाइल, लैंडलाइन और इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया था लेकिन 17 अगस्त को लैंडलाइन सुविधा दोबारा शुरू कर दी गई थी। जानकारी में पता चला है कि 1 हफ्ते से इस पर चर्चा की जा रही है।

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