आखिरकार चीन ने अपनी चुप्पी को तोड़ते हुए कश्मीर मुद्दे पर अपना रुख साफ कर दिया।

 कश्मीर को लेकर चीन ने दिया बड़ा बयान

2014 में पूर्ण बहुमत से लोकसभा चुनाव जीतकर बीजेपी ने इतिहास रच दिया था। इसके बाद कांग्रेस की सरकार कई सालों बाद सत्ता से बाहर हुई थी। 2019 में पूर्ण बहुमत से लोकसभा चुनाव में जीत हासिल करके बीजेपी ने दिखा दिया कि वह अब देश की सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। 2019 में लोकसभा चुनाव जीतने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कई ऐतिहासिक फैसले लिए। उनके ऐतिहासिक फैसलों में तीन तलाक बिल, अनुच्छेद 370 को  हटाना, असम में एनआरसी लिस्ट जारी करना शामिल है।

कश्मीर मुद्दे पर कई बड़े देशों ने अपने बयान जारी किए हैं।

 russia , usa , china big statement on kashmir

कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का मुद्दा सबसे ज्यादा सुर्खियों में रहा। या यूं कह लीजिए कि यह मुद्दा अभी तक पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद अलगाववादी नेता और कुछ विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी का पुरजोर विरोध किया। पाकिस्तान भी कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने पर नाखुश दिखा और उसने भारत को धमकी देनी शुरू कर दी। जब भारत उसकी किसी भी धमकी से नहीं डरा तो पाकिस्तान ने कई बड़े देशों का रुख किया लेकिन उसे वहां से भी कोई खुशखबरी नहीं मिली।

जानकारी के लिए बता दें कि कश्मीर मुद्दे पर कई बड़े देशों ने अपने बयान जारी किए हैं। लेकिन इस मुद्दे को लेकर चीन ने अपनी चुप्पी साधी हुई थी। आखिरकार चीन ने अपनी चुप्पी को तोड़ते हुए कश्मीर मुद्दे पर अपना रुख साफ कर दिया। चीन को हमेशा से ही पाकिस्तान का समर्थन करता आया है। लेकिन इस पाकिस्तान को चीन का भी समर्थन नहीं मिला। चीन ने अपने बयान में कहा कि कश्मीर मुद्दे को भारत-पाकिस्तान को मिलकर सुलझाना चाहिए। साथ ही उसने कहा कि कश्मीर मुद्दे पर चीन का रुख स्पष्ट है और इस पर वह लगातार कायम है। हम भारत और पाकिस्तान से कश्मीर मुद्दे संबंधित सभी मामलों पर बातचीत करने और आपसी विश्वास बढ़ाने की अपील करते हैं यह दोनों ही देशों के हित में है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here