हिंदी दिवस एक ऐसा दिन जिसने दुनिया की तस्वीर भारत के रुप में एक समृध्दता का परिचायक बना दिया है।

नई दिल्ली: किसी बड़े साहित्यकार ने सही कहा है कि अगर आप लोगों को जोड़ना चाहते है, तो आप उसके लिए संवाद स्थापित करेंगे, जिसके लिए एक भाषा की जरुरत पड़ेगी और वो भाषा होगी हिन्दी। तो आज 14 सितंबर है, यानी की हिंदी दिवस एक ऐसा दिन जिसने दुनिया की तस्वीर भारत के रुप में एक समृध्दता का परिचायक बना दिया है। जो कभी स्वामी विवेकानंद के जुबान से ऐसे उतरा कि उनके शब्द समूचे न सिर्फ देश भर में बल्कि दुनिया के हर कोने में आज अपनी छाप छोड़ रही है।

“हिन्दी” भाषा एक प्रेम कथा, हिंदी दिवस की शुभकामनाएं!

जाहिर है कि देश में हिंदी और अंग्रेजी दोनो को नए राष्ट्र की भाषा के रुप में चुना गया, और संविधान सभा ने देवनागरी लिपि वाली हिंदी के साथ ही अंग्रेजी को भी आधिकारिक भाषा के रूप में स्वीकार किया, लेकिन 1949 में संविधान सभा ने हिंदी को ही भारत की राजभाषा घोषित कर दिया।

इस राज्य ने भारतीय संविधान को मानने से किया इंकार, क्या करेगी अब मोदी सरकार?

देश की राजभाषा हिंदी घोषित किए जाने के दिन ही हर साल हिंदी दिवस मनाने का भी फैसला किया गया, ऐसे में हिंदी दिवस पहली बार 14 सितंबर 1953 को मनाया गया।

“हिन्दी” भाषा एक प्रेम कथा, हिंदी दिवस की शुभकामनाएं!

1770 : डेनमार्क में प्रेस की स्वतंत्रता को मान्यता मिली।

1803 : लार्ड लेक ने दिल्ली पर कब्जा किया।

1833 : विलियम वेंटिक, पहले गवर्नर जनरल के तौर पर भारत आया।

1901 : अमेरिकी राष्ट्रपति विलियम मैकेंजी की गोली मारकर हत्या।

1917 : रूस को आधिकारिक तौर पर गणतंत्र घोषित किया गया।

1949 : संविधान सभा ने हिंदी को भारत की आधिकारिक भाषा का दर्जा दिया।

1959 : सोवियत संघ का अंतरिक्ष यान पहली बार चंद्रमा की सतह पर उतरा।

1960 : खनिज तेल उत्पादक देशों ने मिलकर ओपेक की स्थापना की।

1998 : माइक्रोसॉफ्ट, जनरल इलेक्ट्रिक को पीछे छोड़कर दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी बनी।

2000 : माइक्रोसॉफ्ट ने विंडोज एम.ई. लांच किया।

2001 : ओसामा बिन लादेन को पकड़ने के अभियान के लिए अमेरिका में 40 अरब डॉलर मंजूर किए।

2000 : प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अमेरिकी सीनेट के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को सम्बोधित किया।

2007 : जापान ने तानेगाशिया स्‍थित प्रक्षेपण केन्‍द्र से पहला चन्‍द्र उपग्रह एच-2ए प्रक्षेपित किया।

2008 : रुस के पेर्म हवाई अड्डे पर एअरोफ़्लोत का विमान दुर्घटनाग्रस्त। विमान में सवार सभी 88 लोगों की मौत

कुल मिलाकर आज हिंदी एक ऐसी भाषा बन गई है जिससे अलगाव का कोई सार्थक पहल नहीं बनती है इसी लिए तो हिंदी हमारी रगों में प्यार का रक्त बनकर दौड़ता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here