बीजेपी नेता और पूर्व गृहमंत्री चिन्मयानन्द के नाम से एक वीडियो वायरल हुआ है जिकि चर्चा बहुत गरमा रही है

राजनीति के गलियारे में फिर उठा धुआं, बीजेपी नेता चिन्मयानंद पर है रेप का आरोप...

राजनीति और विवाद का तो ऐसा लगता है कि चोली-दामन का साथ हो गया है। आजकल फिर एक विवाद चर्चा के घेरे में है। बीजेपी नेता और पूर्व गृहमंत्री चिन्मयानन्द के नाम से एक वीडियो वायरल हुआ है जिकि चर्चा बहुत गरमा रही है राजनीति के गलियारों में। वीडियो में चिन्मयानंद जैसा दिखने वाला एक शख्स बिना कपड़ों में एक लड़की से मसाज कराते नज़र आ रहा है।

उस शख्स की और मसाज करने वाली लड़की की बातचीत से यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह लड़की कॉलेज की छात्रा है। व्हा शख्स उससे उसकी पढ़ाई वग़ैरह के बारे में पूछ रहा है। वैसे तो ये वीडियो काफी पुराना दिखाई पद रहा है क्योंकि ज़्यादातर वीडियो रिकॉर्डिंग पर 31 जनवरी 2014 की तारीख है। वीडियो में सुबह की धूप खिड़की से कमरे में आ रही है और चिड़ियों के चहकने की आवाज़ भी आ रही हैं। इससे लगता है कि वीडियो सुबह का है। इस वीडियो में उस शख्स और लड़की के बीच की बातचीत काफी निजी है और सार्वजनिक प्लेटफार्म पर साझा करने लायक नहीं है।

राजनीति के गलियारे में फिर उठा धुआं, बीजेपी नेता चिन्मयानंद पर है रेप का आरोप...

चिन्मयानंद पर रेप का आरोप लगाने वाली उस लड़की ने इस वायरल वीडियो वाली बात पर मीडिया से एक साक्षात्कार में कहा, ‘चिन्मयानंद का जो भी वीडियो वायरल हो रहा है, जैसा की मैंने लोगों के मुंह से सुना है, देखा नहीं है उसमें मेरा कोई हाथ नहीं है। मैं सिर्फ और सिर्फ उस इंसान को सजा दिलवाना चाहती हूं। मेरे हाथ से पेन ड्राइव छीन ली गयी थी। इससे ज्यादा इसके बारे में कुछ नहीं कहूंगी। मैंने आज के अखबार में पढ़ा है कि वह पेन ड्राइव संजय ने एसआईटी को सौंप दी है। अब उस पेन ड्राइव की सुरक्षा एसआईटी कर सकती है।’

अगर लड़की के जवाब को गौर से समझो तो ऐसा लगता है कि वह इस आरोप से इंकार कर रही है कि उसने ये वीडियो वायरल किया है, पर साथ ही वह इस वीडियो को चिन्मयानंद के खिलाफ एक सुबूत मानती हैं। वह यह भी कहती है कि ‘अब उस पेन ड्राइव की सुरक्षा एसआईटी कर सकती है। जब तक पेन ड्राइव मेरे पास थी, सुरक्षित थी।‘

चिन्मयानंद के वकील ओम सिंह ने वीडियो के बारे में मीडिया को बताया,

चिन्मयानंद के वकील ओम सिंह ने वीडियो के बारे में मीडिया को बताया, ‘छात्रा कल कह रही थी की वह पिछले एक बरस से हॉस्टल में रह रही थी तो सीधी सी बात है कि वह वीडियो पूरी तरह से फर्जी है क्योंकि एक वर्ष से वह हॉस्टल में रह रही थी और वीडियो 2014 का है, तो यह प्रथम दृष्टया ही पता चलता है की वह वीडियो पूरी तरह से फेक है। उसे कंप्यूटर से एनीमेशन के द्वारा बनाया गया है। यह स्वामी जी की छवि खराब करने के लिए किया गया है और यह कोई पहला वीडियो नहीं है। अभी आप देखेंगे तो आपको नए-नए वीडियो रोज़ मिलेंगे।’ चिन्मयानंद प्रकरण की जांच एसआईटी कर रही है, लेकिन एसआईटी इस बारे में टिपण्णी करने से बच रही है।‘

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here